लुधियाना के बाजारों में बंद का मामूली असर, व्यापारियों ने DETC को सौंपा ज्ञापन

कैट के राष्ट्रीय आंदोलन का लुधियाना के बाजारों में मामूली असर ही देखने को मिला।

लुधियाना के बाजारों में कैट) के राष्ट्रीय आंदोलन का मामूली असर ही देखने को मिला। कैट पंजाब अध्यक्ष हरकेश मितल ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली सरलीकृत होने के बजाय बेहद जटिल हो गई हैं। इस बारे में डीईटीसी को कैट ने विभिन्न संगठनों के साथ जाकर ज्ञापन दिया।

Vikas_KumarFri, 26 Feb 2021 05:51 PM (IST)

लुधियाना, जेएनएन। कंफरडेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री (कैट) के राष्ट्रीय आंदोलन का लुधियाना के बाजारों में मामूली असर ही देखने को मिला। जीएसटी के नियमों में हाल ही में हुए अनेक संशोधनों को व्यापार के खिलाफ बताते हुए व उसके सरलीकरण को लेकर एक ज्ञापन डीईटीसी केवी सिद्धू को कैट ने पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल सहित विभिन्न संगठनों के साथ जाकर दिया।

इस मौके पर कैट पंजाब अध्यक्ष हरकेश मितल ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली सरलीकृत होने के बजाय बेहद जटिल हो गई हैं और जीएसटी के मूल घोषित उद्देश्य के एकदम विरुद्ध है। जिसके पालन ने व्यापारियों को एक कभी न खत्म होने वाले चर्कव्यूह में कैद कर दिया है। कर प्रणाली को सरल और तर्कसंगत बनाने के बजाय किस तरह से व्यापारियों पर कर पालना का ज्यादा से ज्यादा बोझ डाला जाए, इस दिशा में जीएसटी काउंसिल काम कर रही है।  

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के राज्य महासचिव सुनील मेहरा, राज्य सचिव महिंदर अग्रवाल, जिला प्रधान अरविंदर सिंह मक्कड़ ने कहा कि संशोधन के बाद वर्तमान नियमों में कर अधिकारी को अनेक प्रकार के असीमित अधिकार दे दिए गए हैं। जिसके कारण अब अधिकारी बिना कोई नोटिस या सुनवाई का मौका दिए अपने निर्णय के आधार पर किसी भी व्यापारी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर कैंसिल कर सकते हैं। व्यापारियों का बैंक अकाउंट एवं संपत्ति को जब्त किया जा सकता है। व्यापारियों को दिए हुए टैक्स का इनपुट क्रेडिट रोका जा सकता है। ऐसे प्रावधान व्यापारियों को हतोत्साहित करेंगे और व्यापार करने में अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न करेंगे।

गुरदीप सिंह गोशा ने कहा कि सरकार को जीएसटी का सरलीकरण कर व्यापारियों को जागरूक करना चाहिए। परंतु इसके उल्ट अफसरशाही की ओर से व्यापारियों को तंग किया जा रहा है। अश्वनी गर्ग ने कहा कि सरकार की ओर से वन टाइम सेटेलमेंट पॉलिसी लागू की गई है जोकि सही नही है। जिसका लाभ सभी व्यापारियों को मिलना चाहिए परंतु यह पॉलिसी बिल्कुल भी कामयाब नहीं हो सकी। डीईटीसी सिद्धू ने व्यापारियों को आश्वासन दिलाया कि जल्द ही उनकी बात को वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के आगे रखेंगे। इस अवसर पर पवन सचदेवा, विजय जुनेजा, अश्विनी महाजन, रमेश गर्ग, केवल गुप्ता, ललित गर्ग, एडवोकेट मनीष आहूजा, कुलजीत सिंह, पवन मल्होत्रा, अमृत गोयल, रजत जलोटा, विवेक भारती, विशु मित्तल मौजूद थे।

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