एससी कमीशन के पास पहुंचा गांव रसूलड़ा की सरपंची का विवाद

खन्ना के गांव रसूलड़ा में 2018 में हुए सरपंची के चुनाव का मामला अब तीन साल बाद राष्ट्रीय एससी कमिशन के पास पहुंचा है। चुनाव में नामांकन दाखिल करने और नामांकन रद करने के चलते चुनाव नहीं लड़ पाने वाले गांव के एससी उम्मीदवार जसवीर सिंह ने आयोग के चेयरमैन विजय सांपला से मुलाकात की और उन्हें शिकायत भी सौंपी। उनके साथ भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज छाहड़िया भी थे।

JagranSun, 01 Aug 2021 06:44 AM (IST)
एससी कमीशन के पास पहुंचा गांव रसूलड़ा की सरपंची का विवाद

जागरण संवाददाता, खन्ना : खन्ना के गांव रसूलड़ा में 2018 में हुए सरपंची के चुनाव का मामला अब तीन साल बाद राष्ट्रीय एससी कमिशन के पास पहुंचा है। चुनाव में नामांकन दाखिल करने और नामांकन रद करने के चलते चुनाव नहीं लड़ पाने वाले गांव के एससी उम्मीदवार जसवीर सिंह ने आयोग के चेयरमैन विजय सांपला से मुलाकात की और उन्हें शिकायत भी सौंपी। उनके साथ भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज छाहड़िया भी थे। जसवीर सिंह ने अपनी शिकायत में उसे चुनाव लड़ने के अधिकार से वंचित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

जसवीर ने बताया कि 30 दिसंबर 2018 को होने वाले पंचायती चुनावों के लिए उसने जनरल सीट से सरपंच के पद के लिए नामांकन दाखिल किया। यह नामांकन पत्र रिटर्निंग अधिकारी ने चेक करने के बाद दुरुस्त पाए थे। सुबूत के तौर पर एक रसीद जारी की थी। 20 दिसंबर 2018 को रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन पत्र रद कर दिए। इसका कारण यह बताया गया था कि उस समय के ब्लाक विकास पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) धनवंत सिंह रंधावा की तरफ से उसके खिलाफ नेगेटिव रिपोर्ट दी गई है।

आरोप है कि मौजूदा सरपंच गुरदीप सिंह (जनरल कैटेगरी) को जिताने के लिए उनके नामांकन को रद किया गया। पंचायती चुनावों के समय गुरदीप सिंह ब्लाक कांग्रेस खन्ना के देहाती प्रधान थे। इस समय मौजूदा सरपंच होने के साथ वे मार्केट कमेटी खन्ना के चेयरमैन भी है। चुनाव के दौरान उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी सत्ताधारियों द्वारा किया गया।

जसवीर सिंह ने सांपला को बताया कि यह भेदभाव सिर्फ इसलिए किया गया कि वे एससी समुदाय से संबंध रखता है। मौजूदा सरपंच गुरदीप सिंह जनरल जाति से संबंधित है। अधिकारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए सरेआम नियमों की उल्लंघना की गई। उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को सुनिश्चित बनाते हुए इन्हें तुरंत सरकारी पदों से बरखास्त करने की मांग की गई है। उधर, सांपला ने पीड़ित को इंसाफ का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे संबंधित विभागों से जवाब मांगेंगे और एससी पर अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा।

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