सैंपलिंग के तीन-चार दिन बाद भी नहीं मिल रही रिपोर्ट, लुधियाना में कोरोना कैरियर बनकर घूम रहे लोग

लुधियाना में कई संदिग्ध मरीज कोरोना कैरियर बनकर घूम रहे हैं।

लुधियाना में कोरोना संक्रमितों के बढ़ने से सेहत विभाग ने टेस्टिंग भी बढ़ा दी है और रोजाना सात से आठ हजार लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। हालांकि हैरानी की बात है कि कई-कई दिन रिपोर्ट नहीं आ रही है।

Vikas_KumarWed, 21 Apr 2021 09:43 AM (IST)

लुधियाना, जेएनएन। जिले में कोरोना संक्रमण चरम पर है। रोजाना 700 से 800 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है। नए संक्रमितों के बढ़ने से सेहत विभाग ने टेस्टिंग भी बढ़ा दी है और रोजाना सात से आठ हजार लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। हालांकि हैरानी की बात है कि लोगों के सैंपल लेने के बाद कई-कई दिन उनकी रिपोर्ट ही नहीं आ रही है। ऐसे में कई संदिग्ध मरीज कोरोना कैरियर बनकर घूम रहे हैं।

सेहत विभाग का दावा है कि आरटीपीसीआर सैंपलों को रिपोर्ट 24 घंटे में दी जा रही है, लेकिन हकीकत है कि लोगों को रिपोर्ट मिलने में तीन-चार दिन का समय लग रहा है। इस दौरान सैंपल देने वाले लोग बार-बार जांच केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं और कई लोगों को संपर्क में भी आ रहे हैं। ये भी संक्रमण फैलने का एक कारण बन रहा है। ये हालात तब हैं, जब चार दिन पहले ही मुख्य सचिव विनी महाजन ने राज्य के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को कोरोना जांच रिपोर्ट 24 घंटे में देने के निर्देश दिए हैं।

पांचवें दिन भी मैसेज नहीं आया तो अस्पताल जाकर पता किया

समराला चौक निवासी 45 वर्षीय दीपेश कुमार ने बताया कि कोरोना के लक्षण होने पर उन्होंने 15 अप्रैल को सिविल अस्पताल में जाकर सैंपल दिया था। उनके मोबाइल पर सैंपल लिए जाने का मैसेज तो आ गया, लेकिन 20 अप्रैल तक उन्हें यह नहीं पता चल पाया कि वह नेगेटिव हैं या पाजिटिव। ऐसे में उन्होंने मंगलवार को अपने एक परिचित को सिविल अस्पताल की आइडीएसपी लैब में भेजा। तब जाकर उन्हें मालूम चला कि रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

परिवार सहमा, 40 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली

हैबोवाल की रहने वाली श्रुति ने बताया कि उनके पिता की कोविड रिपोर्ट 18 अप्रैल को पाजिटिव आई थी। इसके बाद 19 अप्रैल वह, उनकी मां, भाई और दादी सिविल सर्जन कार्यालय में सैंपल देकर आए। सैंपल देने का मैसेज तो तुरंत आ गया। उन्हें स्टाफ ने कहा कि 24 घंटे के बाद उन्हें फोन पर रिपोर्ट का मैसेज आ जाएगा। श्रुति ने बताया कि सैंपल लेने के 40 घंटे बाद तक भी उन्हें कोई मैसेज नहीं आया। उनकी मां व दादी को कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं और उन्हें शुगर व बीपी की भी शिकायत है। ऐसे में पूरा परिवार डरा हुआ है। डाक्टर इलाज करने से पहले कोरोना की जांच रिपोर्ट मांग रहे हैं।

सिविल सर्जन ने फोन ही नहीं उठाया

सेहत विभाग द्वारा बरती जा रही लापरवाही के बारे में सिविल सर्जन डा. सुखजीवन कक्कड़ को बार-बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.