प्राइवेट बसों में उड़ रहीं कोविड नियमों की धज्जियां, लुधियाना से श्रमिकों का घर लौटना जारी
प्राइवेट बसें लुधियना से चलकर कई जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार पहुंच रहीं है। इन पर रास्ते में कहीं कार्रवाई नहीं होती। इन्हें न ही इलाके की पुलिस का डर है और न ही दूसरे राज्य की सीमाओं पर किसी पुलिस नाके का खौफ है।
लुधियाना, जेएनएन। लॉकडाउन की अफवाहों के बीच महानगर से श्रमिकों का घर लौटना जारी है। ट्रेनों में पर्याप्त सीटें न होने के कारण श्रमिक प्राइवेट बसों में अपने-अपने राज्यो को जाने को मजबूर हैं। इसका फायदा प्राइवेट बस वाले उठा रहे है। वे कोविड-19 के नियमो की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बसों में 50 फीसद सवारियां बिठाने का नियम पर नियमों को ताक पर रखकर 90 से ज्यादा सवारियां बिठाई जा रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि ये बसें यहां से चलकर कई जिलों से होते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार पहुंच रहीं पर इन पर रास्ते में कहीं कार्रवाई नहीं होती। इन्हें न ही इलाके की पुलिस और न ही प्रशाशन का डर है। न ही दूसरे राज्य की सीमाओं पर किसी पुलिस नाके का खौफ है। महामारी में हर राज्य की ओर से कोविड नियमो का सख्ती से पालन के आदेश हैं। फिर भी बसों के अंदर ठसाठस सवारियां भर कर ले जाई जा रही हैं। बड़ा सवाल यह है कि किसी भी पुलिस नाके पर बस वालों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही क्यों की जा रही है।
इन जगहों से भर कर जाती है बसें
जानकारी के मुताबिक बस्ती चौक, मोती नगर, चंडीगढ़ रोड, जमालपुर चौपाटी ग्राउंड के अलावा शहर के अन्य कई जगहों से बसें रवाना होती हैं।
बकायदा काउंटर बना कर बेचते हैं टिकट
एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचने के लिए श्रमिकों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। श्रमिकों के मुताबिक यूपी के लिए 2000 रुपये और बिहार व अन्य राज्यों के लिए 3000 रुपये वसूले जा रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न दें श्रमिकः जिला प्रशासन
जिला प्रशाशन की ओर से श्रमिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है। डीसी ने भी इंटरनेट मीडिया पर पर कहा है कि कारोबार पर लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। यह अंतिम विकल्प होगा। बावजूद इसके कुछ शरारती तत्व अफवाह फैलाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई जारीः जिला ट्रैफिक प्रभारी
इस संबंध में जिला ट्रैफिक विभाग प्रभारी गुरदेव सिंह ने कहा कि बसों में नियमों को तोड़कर सवारियां भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कई बसों को जब्त किया गया है।