लुधियाना के उद्योगों की करीब दस हजार करोड़ रुपये की उधारी फंसी, अनलाक से रिकवरी की आस

लुधियाना में इन दिनों आर्थिक संकट बुरी तरह से इंडस्ट्री को प्रभावित कर रहा है। उद्यमियों का तर्क है कि पहले ही उद्योग कच्चे माल के बढ़ते दामों से परेशान हैं। अगर और कर्ज लेकर उत्पादन किया तो लागत बढ़ जाएगी। अनलाक प्रक्रिया के बाद रिकवरी होने की उम्मीद है।

Vinay KumarFri, 18 Jun 2021 09:22 AM (IST)
लुधियाना में इन दिनों आर्थिक संकट बुरी तरह से इंडस्ट्री को प्रभावित कर रहा है।

लुधियाना [मुनीश शर्मा]। औद्योगिक नगरी लुधियाना में इन दिनों आर्थिक संकट बुरी तरह से इंडस्ट्री को प्रभावित कर रहा है। उद्योग को लेनदेन को लेकर पिछले डेढ़ साल से अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। लुधियाना के उद्योगपतियों के अनुसार उद्योगों की करीब दस हजार करोड़ रुपये की उधारी फंसी हुई है। इसकी रिकवरी न होने का कारण दिल्ली, यूपी सहित कई राज्यों में लाकडाउन रहा। अब अनलाक प्रक्रिया से उद्यमियों को उम्मीद है कि रिकवरी शुरू हो जाएगी। उत्पादन के लिए अभी आर्थिक संकट बाधा बन रहा है। वहीं उद्योग ऐसे समय में कर्ज लेकर उत्पादन करने के हक में भी नहीं है।

उद्यमियों का तर्क है कि पहले ही उद्योग कच्चे माल के बढ़ते दामों से परेशान हैं। अगर और कर्ज लेकर उत्पादन किया तो लागत बढ़ जाएगी। अनलाक प्रक्रिया के बाद रिकवरी होने की उम्मीद है। कई रिटेलर्स से रिकवरी शुरू भी हो गई है। आल इंडस्ट्री ट्रेड फोरम के प्रधान बदीश जिंदल का कहना है कि इस समय उद्योगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पेमेंट रिकवरी की है। कई राज्यों में लंबे समय से बाजारों के बंद होने से पेमेंट रुकी हुई थीं। ऐसे में उद्योगों का संचालन बहुत मुश्किल भरा रहा है।

उत्पादन के लिए फंड की कमी आड़े आ रही है: खुशमीत

स्काईवे होजरी के डायरेक्टर खुशमीत सिंह का कहना है कि इस समय गारमेंट्स इंडस्ट्री को कैश फ्लो को लेकर दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। अभी तक इंडस्ट्री को सर्दियों के परिधानों की पेमेंट्स नहीं आई है। गर्मियों के परिधानों का भी लाकडाउन के कारण माल बिक्री न होने से पेमेंट रुकी है। उत्पादन के लिए फंड की कमी आड़े आ रही है। बैंक से कर्ज लेकर उत्पादन करने से लागत बढ़ जाएगी।

इंडस्ट्री के सामने पैसों का फ्लो कम होना सबसे बड़ी समस्या: दर्शन

निटवियर क्लब के प्रधान दर्शन डावर के अनुसार इस समय इंडस्ट्री के सामने पैसों का फ्लो कम होना सबसे बड़ी समस्या है। अब विंटर सीजन के लिए उत्पादन उच्च स्तर पर है। इस बार उत्पादन में भी देरी है। कैश कैश फ्लो आता है, तो इंडस्ट्री चल पाएगी।

 

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