लुधियाना में ज्वाइंट एक्शन फ्रंट ने जताया रोष, कहा- प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार क्यूं कर रही सरकार

लुधियाना में ज्वाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब की ओर से सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति रोष जताया गया है।

लुधियाना में ज्वाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब की ओर से सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति रोष जताया गया है। फ्रंट के जेपी भट्ट ने कहा कि सरकार प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है। अब कई प्राइवेट छोटे स्कूल बंद हो चुके हैं।

Vinay KumarFri, 07 May 2021 01:16 PM (IST)

लुधियाना, जेएनएन। ज्वाइंट एक्शन फ्रंट पंजाब की ओर से सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति रोष जताया गया है। फ्रंट के जेपी भट्ट ने कहा कि सरकार प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है। पिछले साल जब कोरोना की शुरूआत हुई थी तो शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला ने प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को फीस न देने का फरमान जारी कर स्कूलों और अभिभावकों के बीच खाई खोदने का काम किया था जिसके बाद सभी संगठनों ने हाईकोर्ट में अपील की और फीस लेने के अधिकार को सुरक्षित किया पर अब कई प्राइवेट छोटे स्कूल बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर है।

दूसरी तरफ शिक्षा सचिव सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए नए से नए प्रयास कर रहे हैं। वहीं प्राइवेट स्कूलों में स्टाफ आने पर मनाही लगाने के आदेश दिए जाते हैं और सरकारी स्कूलों में पीटीएम, अध्यापक फेरी वालों की भांति गावों में गली-गली जाकर सरकारी स्कूलों में दाखिले के प्रति प्रचार कर रहे हैं। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों के लिए बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और इस प्रकार के अनेकों नियम है जबकि सरकारी स्कूलों के लिए ऐसे कोई नियम नहीं है।

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.