जीएसटी 12 प्रतिशत करने से महंगे होंगे परिधान, लुधियाना के कारोबारियाें ने की दिल्ली मार्च की तैयारी

उद्यमियों ने सरकार के इस फैसले पर रोष प्रकट करते हुआ कहा है कि अभी इंडस्ट्री कोविड संकट से बाहर नहीं आ पाई है। ऐसे में कपड़ों पर जीसएटी की दर बढ़ने से इसका सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान होगा।

Vinay KumarMon, 22 Nov 2021 11:52 AM (IST)
केंद्र की तरफ से कपड़ों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू की गई है। कुल सात प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। जागरण

मुनीश शर्मा, लुधियाना।आम आदमी की जेब पर आने वाले दिनो मे मंहगाई का असर देखने को मिल सकता है, गारमेंट्स इंडस्ट्री पर एक हजार रुपए से नीचे के परिधानों पर पांच प्रतिशत तक लगने वाले जीएसटी की दर को अब 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इसको लेकर हाल ही में केन्द्र सरकार की ओर से नोटीफिकेशन जारी किया गया है। लंबे समय से इस बढ़ोतरी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे और कारोबारी इस बढ़ोतरी को लागू करने के लिए अपील कर रहे थे। लेकिन केन्द्र सरकार की ओर से अब 12 प्रतिशत जीएसटी दर को लागू कर दिया है। ऐसे में अब इसका असर 7 प्रतिशत अधिक जीएसटी के रुप में देखने को मिलेगा। ऐसे में अब गारमेंट्स के दामों में इजाफा होना स्वभाविक है।

पहले एक हजार से उपर होने के चलते केवल सर्दियों के परिधान महंगे हुआ करते थे। अब गर्मियों में एक हजार से नीचे के परिधान भी महंगे हो जाएंगे। इसको लेकर उद्यमियों ने रोष प्रकट किया है और कहा कि अभी इंडस्ट्री कोविड संकट से बाहर नहीं आ पाई है और ऐसे में अभी महंगाई बढ़ने से इसका असर बिक्री पर पड़ेगा।

अमीशा इंटरप्राइजिज के अमित नागपाल के मुताबिक इस समय हम पहले ही मंदी के दौर से गुजर रहे है। दो साल तक व्यापार प्रभावित होने के चलते मार्केट में नकदी संकट बढ़ा हुआ है। लेकिन बावजूद इसके सरकार की ओर से राहत देने की बजाए जीएसटी दरों में बढ़ोतरी कर देने से इसका असर कारोबार पर पड़ेगा। कपड़े महंगे होने से इसका असर इनकी बिक्री पर पड़ेगा। इसके साथ ही रिटेलर्स के पास अधिक निवेश करना पड़ेगा। पहले ही नकदी संकट से कारोबारी परेशान है।

आरएम निटवियर के डायरेक्टर अश्वनी कुमार आशु के मुताबिक यह समय राहतें देने का है। क्योंकि अभी कारोबार को दोबारा पटरी पर लाने के लिए प्रयास करने होंगे। ऐसे में जीएसटी की दरों को बढ़ाए जाने से सीधा आम आदमी की जेब पर फर्क पड़ेगा और कारोबार जगत को इससे आर्डर कम मिलेंगे और मार्केट में नकदी संकट खत्म नहीं होगा। इसको लेकर सरकार को एक बार पुन विचार करना चाहिए।

कारोबारियों को लामबंद कर दिल्ली मार्च की तैयारी

इस फैंसले के विरोध में कारोबारियों की ओर से दिल्ली में 25 नवंबर को एक मार्च निकालने की तैयारी गई है। इसको लेकर बैठकों का दौर चल रहा है। इसी संबंध में बहादुरके टैक्सटाइल एवं निटवियर एसोसिएशन की बैठक प्रधान तरूण जैन बावा की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सर्वसम्मति से फैंसला किया गया कि 25 नवंबर को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा रकाबगंज नई दिल्ली के बाहर एकत्रित होकर जीएसटी दरों के खिलाफ मार्च निकाला जाएगा। इसको लेकर बैठकों का दौर जारी रहेगा और लुधियाना सहित देशभर से कारोबारियों को इस अभियान से जोड़ने पर काम होगा।

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