लुधियानवियों के धैर्य को मेयर का सलाम, चार साल बाद खुला जगराओं पुल

लुधियानवियों के धैर्य को मेयर का सलाम, चार साल बाद खुला जगराओं पुल
Publish Date:Wed, 30 Sep 2020 05:30 AM (IST) Author: Jagran

जासं, लुधियाना : जगराओं पुल के निर्माणा के लिए लुधियानवियों को चार साल दो माह 15 दिन का इंतजार करना पड़ा। मंगलवार शाम छह बजे पुल का काम पूरा नहीं होने के कारण इसे आंशिक रूप से लोगों के लिए खोल दिया गया। पुल बनने पर मेयर बलकार सिंह संधू ने चार साल से जगराओं पुल पर ट्रैफिक से जूझ रहे शहरवासियों के धैर्य को सलाम किया। मेयर ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में होर्डिग्स लगाकर लोगों को पुल शुरू होने की बधाई दी।

मेयर ने दो दिन पहले नगर निगम का काम पूरा होने की घोषणा करते हुए पुल खोलने की बात कही थी लेकिन रेलवे ने काम पूरा नहीं किया। सोमवार रात तक वह पुल तैयार नहीं कर पाए। मेयर मंगलवार की सुबह छह बजे ही जगराओं पुल पहुंच गए और उन्होंने रेलवे के कांट्रैक्टर की जमकर क्लास लगाई। मेयर ने उसे साफ कह दिया था कि उन्हें मंगलवार को ही पुल खोलना है। मेयर ने कांट्रैक्टर को कहा कि एक हिस्सा दोपहर बाद तक तैयार करें ताकि बेरिकेडिग करके आधे हिस्से को चलाया जा सके। मेयर की घुड़की के बाद रेलवे ने पुल के एक हिस्से पर लेयर चढ़ाने का काम पूरा किया और शाम छह बजे पार्षद राकेश पराशर ने पुल खोल दिया। मेयर के होर्डिंग्स से विधायक नदारद

मेयर ने शहर मे जो होर्डिंग लगाए, उन पर उनकी सांसद रवनीत बिट्टू, मंत्री भारत भूषण आशु और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह की फोटो लगी है। इसके अलावा होर्डिंग्स के नीचे मेयर बलकार सिंह संधू व समस्त पार्षद लिखा गया है जबकि कुछ होर्डिंग्स पर मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा व डिप्टी मेयर सर्बजीत कौर की फोटो भी लगाई गई है। इन होर्डिंग्स पर शहर के किसी भी विधायक का न तो नाम है और न ही फोटो। बुधवार को खुलेगा पूरा पुल

पुल जब वाहनों के लिए खोला गया तब तक रेलवे की तरफ से मास्टिक एस्फाल्ट लेयर बिछाने का 70 फीसद ही काम हुआ था। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार रात को पुल पर लेयर बिछाने का काम पूरा हो जाएगा और बुधवार को पुल पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। कोट्स

मैं शहरवासियों के धैर्य की दाद देता हूं कि वह चार साल तक ट्रैफिक से जूझते रहे। आखिर में पुल तैयार हो गया और अब खोल दिया गया। रेलवे की तरफ से आखिरी दौर में देरी की गई। इसलिए सुबह की बजाय शाम को पुल खोला जा सका। पुल निर्माण में विधायकों, पार्षदों, सांसद व मंत्री का विशेष सहयोग रहा। शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी इसके निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

-बलकार सिंह संधू, मेयर लुधियाना

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