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लोगों को दी जा रही हिदायतों का पालन करने की नसीहत, अधिकारी खुद उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

लुधियाना, आशा मेहता। सेहत विभाग के आला अधिकारी लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए शारीरिक दूरी का पाठ पढ़ा रहे हैं। समझा रहे हैं कि एक जगह पर भीड़ इकट्ठी न करें। एक-दूसरे के पास-पास न खड़े हों। लेकिन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी खुद यह पाठ पढऩा नहीं चाहते। इसकी मिसाल बार-बार देखने को मिल रही है। ताजा उदाहरण डॉक्टर्स डे पर देखने को मिली।

सिविल सर्जन कार्यालय में डॉक्टर्स डे मनाया गया। विभाग के सभी अफसर कार्यालय में जमा हुए और बधाई देने लगे। वे बिल्कुल साथ-साथ सटकर खड़े थे। शारीरिक दूरी का भी कोई ख्याल नहीं रखा जा रहा था। ये हाल तब था, जब शहर के तमाम बड़े अधिकारी कोरोना वायरस की चपेट में लगातार आ रहे हैं। इसके बाद वही अफसर फोटो खिंचवाने के चक्कर में फिर शारीरिक दूरी का नियम भूल गए। अब इन्हें कौन समझाए कि वायरस अफसर और आम आदमी में कोई भेद नहीं करता।

डॉक्टर साहब दिखा रहे हैं रौब

सिविल अस्पताल में इन दिनों से एक डॉक्टर साहब खूब रौब दिखा रहे हैं। वो खुद को एक आला अधिकारी का करीबी बताकर कुछ सफाई कर्मियों से लेकर नर्सों पर अपना प्रभाव जता रहे हैं। किसी को प्रमोशन दिलाने का हसीन ख्वाब दिखा रहे हैं, तो किसी की नौकरी बचाने का। ऐसे में कई कर्मी डॉक्टर साहब की 'गुड बुक' में रहने के लिए इन दिनों खूब मशक्कत कर रहे हैं।

पता चला है कि ऐसे कर्मियों से डॉक्टर साहब खासे नाराज चल रहे हैं। अब ये भी चर्चा है कि भाव न देने वाले कर्मियों को 'पानी में रहकर मगरमच्छ से वैर' वाली कहावत भी सुनाई जा रही है। यही नहीं, यह भी पता चला है कि डॉक्टर साहब के प्रभाव बनाने को लेकर की जा रही उठापठक की पूरी खबर चंडीगढ़ तक भी पहुंच गई है। चंडीगढ़ से अब डॉक्टर साहब पर पूरी नजर रखी जा रही है।

गलत नाम और पते का चल रहा खेल

सेहत विभाग के लिए कोरोना पॉजिटिव मरीजों को ढूंढना आसान नहीं है। कारण, कई मरीज सैंपल देते समय अपना नाम व पता सही नहीं लिखवा रहे। वे गुमराह कर रहे हैं। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ मरीज सैंपल देने के दौरान अपना नाम और पता लिखवाने की बजाय अपने पड़ोसियों तथा रिश्तेदारों के नाम और पते लिखवा रहे हैं। फोन नंबर भी गलत ही दे रहे हैं।

ऐसा ज्यादातर वही कर रहे हैं, जिनमें कोरोना के संदिग्ध लक्षण होते हैं। लिहाजा जब रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो असल मरीज को ढूंढने में काफी मुश्किल हो रही है। जब वह दिए गए पते पर पहुंचते हैं तो उन्हेंं वहां कोई और मिलता है। कई बार तो लोग सेहत विभाग की टीम के साथ लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे कई मामले आ चुके हैं जब मरीज पॉजिटिव आने के अपने लिखवाए गए पते पर नहीं मिले।

सिविल अस्पताल में बधाई मांगना जारी

सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में बधाई मांगने का सिलसिला रुक नहीं रहा। सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा बार-बार अस्पताल कर्मियों को चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन हालात अभी जस के तस हैं। हंबड़ा रोड की महिला की दो दिन पहले मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में डिलीवरी हुई। महिला ने सिजेरियन से बेटी को जन्म दिया।

इसके बाद अस्पताल में कुछ कर्मी महिला के परिजनों से बधाई मांगने पहुंच गए। परिजनों ने एक-दो कर्मियों को बधाई दे भी दी। इसके बाद दूसरे मांगने लग गए। परिजन जब काफी परेशान हो गए तो उन्होंने रोष जताया। परिजनों ने अस्पताल के प्रबंधकों को शिकायत कर दी। इस पर अस्पताल के प्रबंधकों ने जांच का आश्वासन भी दिया। अब देखना यह होगा कि जांच होने के बाद कार्रवाई भी होती है या फिर पहले की तरह इस बार भी शिकायत को हल्के में लेकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

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