दैनिक जागरण से बातचीत में बोले जोनल कमिश्नर अंकुर महेंद्रू, अब कूड़ा प्रबंधन पर है फोकस

कूड़ा प्रबंधन की समस्या से शहर शुरू से जूझ रहा है। 2011 में एटूजेड कंपनी से करार हुआ तो लगा कि शहर में कूड़े की समस्या खत्म हो जाएगी। हालांकि कंपनी भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई और कूड़ा प्रबंधन की समस्या विकराल होती गई।

JagranSun, 24 Oct 2021 03:22 AM (IST)
दैनिक जागरण से बातचीत में बोले जोनल कमिश्नर अंकुर महेंद्रू, अब कूड़ा प्रबंधन पर है फोकस

राजेश भट्ट, लुधियाना : कूड़ा प्रबंधन की समस्या से शहर शुरू से जूझ रहा है। 2011 में एटूजेड कंपनी से करार हुआ तो लगा कि शहर में कूड़े की समस्या खत्म हो जाएगी। हालांकि कंपनी भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई और कूड़ा प्रबंधन की समस्या विकराल होती गई। दस माह पहले एटूजेड से करार टूटने के बाद तो शहर में कूड़ा प्रबंधन निगम के गले की फांस बना हुआ है। एक तरफ सेकेंडरी डंपों पर कूड़ा प्रबंधन सही से नहीं हो रहा वहीं दूसरी तरफ मेन कूड़ा डंप पर बिना प्रोसेस किया गया कूड़ा जमा होता जा रहा है। इन दस महीनों में 3.50 लाख टन से ज्यादा बिना प्रोसेस किया गया कूड़ा जमा हो गया। नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर अंकुर महेंद्रू ने कूड़ा निस्तारण के लिए नई योजना तैयार की है। अगर उनकी योजना सिरे चढ़ी तो शहर में कूड़ा निस्तारण की राह निकल सकती है। सवाल: शहर में कूड़ा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति कैसी है?

जवाब: अभी हम शहर के सेकेंडरी डंपों से कूड़ा लिफ्ट करवाकर सेकेंडरी डंप तक पहुंचा रहे हैं। एटूजेड से करार खत्म होने के बाद हमारा प्रोसेसिग प्लांट नहीं चल रहा है। शहर के सेकेंडरी डंपों पर हम रोज तय समय पर कूड़ा उठा रहे हैं ताकि शहर में गंदगी न रहे। सवाल: शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लि निगम क्या कर रहा है?

जवाब: डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन चल रहा है। अभी यह सारा काम प्राइवेट कूड़ा कलेक्टरों के पास है। हमने शहर में सर्वे करवाया है कि कहां कहां से कूड़ा डोर टू डोर कलेक्ट नहीं किया जा रहा है। जल्दी ही निगम डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर बड़े कदम उठाने वाला है। इसके लिए हम मशीनरी भी खरीद रहे हैं। इंजीनियरिग ब्रांच इसे डील कर रही है। सवाल: सेकेंडरी डंपों पर कूड़ा फैला रहता है जिससे आसपास बदबू भी फैलती है जिससे लोगों को परेशानी होती है। इसके लिए क्या समाधान है?

जवाब: सेकेंडरी डंपों पर हम स्टेटिक कंपेक्टर लगा रहे हैं। कुछ कंपेक्टर लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने लगवाए हैं और अब 21 स्टेटिक कंपेक्टर स्मार्ट सिटी के तहत लगाए जा रहे हैं। स्टेटिक कंपेक्टर लगाने से यह सारी समस्या खत्म हो जाएगी। सवाल: लोग कूड़ा सेग्रीगेशन नहीं कर रहे हैं इसके लिए क्या किया जा रहा है?

जवाब: कूड़ा सेग्रीगेशन के लिए निगम पहले जागरूक करता रहा है। अब भी कूड़ा कलेक्टरों को कहा जा रहा है कि वो घरों से गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग हैं। हमारे पास लगभग 600 टन गीला व 600 टन सूखा कूड़ा आता है। मेरी लोगों से अपील है कि वो गीला कूड़ा सूखा कूड़ा अलग अलग रखें और कलेक्टर को भी अलग अलग ही दें। लोग चाहें तो गीले कूड़े से घर में कंपोस्ट खाद तैयार कर सकते हैं। सवाल: कूड़ा प्रबंधन की नई डीपीआर में क्या है?

जवाब: कूड़ा प्रबंधन के लिए जो नई डीपीआर बनाई है उसके हिसाब से कूड़े से बिजली बनाने की योजना है। बिजली प्लांट भी कूड़ा डंप के पास ही खाली जगह में लगाया जाना है। कूड़े को प्रोसेस करके आरडीएफ तैयार किया जाएगा जिसे बिजली बनाने के लिए ईंधन के तौर पर प्रयोग किया जाएगा। पहले समस्या आरडीएफ के इस्तेमाल को लेकर आती रही है। आरडीएफ का इस्तेमाल होगा तो कूड़े की समस्या खत्म हो जाएगी। सवाल: कब तक इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है?

जवाब: हमने जो डीपीआर अप्रूवल के लिए भेजी थी उस पर चंडीगढ़ में चर्चा हो चुकी है। कुछ छोटे छोटे बदलाव करने को कहा है। उसे जल्दी तैयार कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्दी ही यह प्रोजेक्ट ग्राउंड लेवल पर आ जाएगा।

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