मशीन निर्माता कंपनियों का लो कास्ट ऑटोमेशन पर फोकस

जासं, लुधियाना : ग्लाडा ग्राउंड में लगे मैकमा एक्सपो में मशीन निर्माता कंपनियों का फोकस ऐसी मशीनरी पर है जिसमें क्वालिटी बेहतर करने के लिए एक्यूरेसी और मास प्रोडक्शन हो सके।

ग्लोबल मार्केट के दौर में अब कंपनियों की ओर से कास्ट कटिग और तेजी से डिलीवरी के लिए फास्ट प्रोडक्शन पर फोकस किया जा रहा है। इसकी झलक मशीन निर्माता कंपनियों की ओर से एक्सपो में पेश की गई ऐसी मशीनरी के निर्माण से दिखी। अब मशीन निर्माता कंपनियां लो कास्ट ऑटोमेशन पर फोकस कर रही है और रोबोट मशीनों का प्रचलन जोरों में हैं ताकि कम मैनपावर में बेहतर प्रोडक्शन और एक्यूरेसी दी जा सके।

प्रदर्शनी के दूसरे दिन 16 हजार से अधिक विजिटर्स पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन संदीप संधू मुख्य रूप से उपस्थिति हुए और मशीनरी निर्माताओं की क्रिएटिविटी की प्रशंसा की। उद्यमियों ने उनके समक्ष कॉमन एग्जीबिशन सेंटर के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। कैप्टन संधू ने कहा कि यह कार्य तेजी से करवाया जाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। कुछ संशोधनों के बाद शीघ्र इसका निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा। इस दौरान पंजाब मीडियम इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन अमरजीत सिंह टिक्का भी उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के विकास के लिए सरकार प्रयास कर रही है। पंजाब इनवेस्ट समिट में एक हजार करोड़ से अधिक निवेश होने की उम्मीद है। इस दौरान विधायक बलविदर सिंह बैंस, दीदारजीत सिंह, हनी सेठी, एसएस पासी, अंगद सिंह, रविदर सैनी, सर्वजीत सिंह मौजूद थे। मशीनें ऐसी जो प्रोडक्शन बढ़ाएंगी और कास्ट कम करेंगी

इस दौरान गुरु हरकृष्ण हाईड्रोलिक की ओर से मोलडिग मशीन का लेटेस्ट वर्जन लांच किया गया। एमडी परविदर सिंह ने बताया कि इस मशीन में प्लास्टिक के सारे प्रोसेस किया जा सकते हैं और यह पूर्ण रूप से ऑटो सिस्टम पर आधारित है। इसमें ऑटोमोड के माध्यम से प्रोसेसिग के दौरान जरूरत न होने पर मोटर अपने आप बंद हो जाती है। इसमें ध्वनि प्रदूषण नहीं है और इसके पार्टस इटली जर्मन के होने के चलते फास्ट प्रोडक्शन और बिजली की खपत कम करेगी। मौजूदा मशीनों के मुकाबले यह 25 प्रतिशत अधिक प्रोडक्शन करेगी। इस प्रकार प्रसीजन मशीन की ओर से पोर्टेबल इलेक्ट्रिमेगनेट ड्रिल एवं टैपिग मशीन लांच की गई है। इससे ड्रिल और चूड़ी का काम एक साथ किया जा सकता है। इससे पूर्व ड्रिल और चूड़ी के लिए अलग-अलग मशीन लेनी पड़ती थी। यह पोर्टेबल है। इससे समय और प्रोडक्शन तेज करने में सहयोग मिलेगा।

1952 से 2020 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.