कैप्टन काे बड़ा झटका, पटियाला के मेयर बिट्टू नहीं हासिल कर सके विश्वास मत, पद से हटाए गए; पक्ष में पड़े 25 वाेट

शाही शहर में सत्ता की लड़ाई के बीच निगम हाउस ने मेयर संजीव शर्मा उर्फ बिट्टू को सस्पेंड कर दिया है। इसकी जानकारी लोकल बॉडी मंत्री माेहिंद्रा की ओर से दी गई है। इसकाे लेकर दिनभर माहाैल गर्माया रहा।

Vipin KumarThu, 25 Nov 2021 04:38 PM (IST)
निगम के मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर घमासान जारी। (फाइल फाेटाे)

जागरण संवाददाता, पटियाला। शाही शहर में सत्ता की लड़ाई के बीच निगम हाउस ने मेयर संजीव शर्मा उर्फ बिट्टू को सस्पेंड कर दिया है। इसकी जानकारी लोकल बॉडी मंत्री माेहिंद्रा की ओर से दी गई है। बैठक में उनके पक्ष में 25 पार्षदों ने वोट दिया है और वह भरोसे के लिए मत नहीं पेश कर पाए इस लिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें इसके लिए 31 वोट चाहिए थे।

मीटिंग में कैप्टन अमरिंदर और लोकल बॉडीज मंत्री ब्रह्म माेहिंद्रा के साथ अकाली विधायक हरेंद्र पाल सिंह चंदूमाजरा भी मौजूद है। मीटिंग से पहले मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने सरकारी तंत्र पर पुलिस के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जरनल हाउस मीटिंग स्थल तक जाने के लिए कैप्टन अमरिंदर को भी मशक्कत करनी पड़ी। कैप्टन अमरिंदर को जहां निगम ऑफिस से करीब 100 मीटर पहले ही पैदल चलकर आना पड़ा वहीं निगम ऑफिस में एंट्री से पहले उन्हें गेट पर करीब 5 से 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस स्टाफ ने उन्हें अपना आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा उसके बाद ही उन्हें निगम ऑफिस में एंट्री दी गई। दूसरी ओर जरनल हाउस की मीटिंग शुरू होने से पहले ही सीनियर डिप्टी मेयर योगेंद्र सिंह योगी मेयर की कुर्सी पर जाकर बैठ गए। इस पर मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने आपत्ति जताई । उन्होंने योगी को उक्त कुर्सी से उठने के लिए कई बार कहा लेकिन योगी ने उनकी बात नहीं मानी। इस बारे में यह मामला मेयर ने लोकल बॉडीज मंत्री बड़ा माेहिंद्रा के ध्यान में भी लाया लेकिन ब्रह्मा महिंद्रा ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की। इस दौरान जब मेयर बिट्टू अपने फेसबुक लाइव के जरिए अंदर का घटनाक्रम दिखा रहे थे तो उनका मोबाइल कब्जे में ले लिया गया।

निगम के मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जनरल हाउस से पहले ही वीरवार काे पुलिस ने नगर निगम की घेराबंदी कर दी है। निगम दफ्तर के करीब 100 मीटर पहले ही पुलिस ने वाहनों का आवागमन बंद कर दिया है। दफ्तर के अंदर माहाैल तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां तक की मीडिया कर्मियों की एंट्री भी बैन कर दी है। इस दौरान शहर के दो बड़े राजनीतिक नेताओं ब्रह्म मोहिंदरा और पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर की प्रतिष्ठा का का भी फैसला होगा।

निगम दफ्तर परिसर के भीतर मीडिया और कौंसलरों के साथ चुनिंदा लोगों को जाने की अनुमति ही दी गई। इस दौरान कैप्टन अमरिंदर की बेटी बीबा जयइंदर कौर हालांकि निगम ऑफिस परिसर के भीतर तो पहुंच गई लेकिन उन्हें जनरल हाउस वाले स्थल तक जाने से रोक दिया गया।

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