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Coronavirus Effect: काेराेना काल में 200 रुपये किलो बिक रहा चिकन, अंडे की कीमत में भी उछाल

होलसेल बाजार में अंडे की कीमत 350 रुपये प्रति सैंकड़ा से उछली। (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Effect लुधियाना होलसेल नान वेज एसोसिएशन के प्रधान भूपिंदर सिंह के अनुसार मंडी में जिंदा मुर्गे का रेट 108 से 110 रुपये के बीच है जबकि कटे हुए चिकन की कीमत 200 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

Vipin KumarWed, 12 May 2021 08:10 AM (IST)

लुधियाना, [राजीव शर्मा]। Coronavirus Effect: महानगर में पिछले आठ दिनों में ही होलसेल बाजार में अंडे की कीमत 350 रुपये प्रति सैंकड़ा से उछल कर 460 रुपये पर पहुंच गई हैं। वहीं चिकन भी पूरे ताव दिखा रहा है। कुछ दिन पहले 140 रुपये प्रति किलो में बिकने वाले चिकन के दाम अब 200 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। कारोबारियों का तर्क है कि एक तरफ बाजार में लाकडाउन के कारण मांग कम है, लेकिन माल की आपूर्ति उससे भी कम है। तभी कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है। कारोबारी मानते हैं कि लाॅकडाउन खुलने के बाद जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो अंडे एवं चिकन के दाम आसमान छू सकते हैं।

कोरोना की पिछली लहर में कम थी डिमांड

लुधियाना होलसेल नान वेज एसोसिएशन के प्रधान भूपिंदर सिंह के अनुसार मंडी में जिंदा मुर्गे का रेट 108 से 110 रुपये के बीच है, जबकि कटे हुए चिकन की कीमत 200 रुपये किलो तक पहुंच गई है। पिछले साल कोविड महामारी के कारण पोल्ट्री उद्योग का जबरदस्त नुकसान हुआ था, जिसके बाद बड़ी संख्या में पोल्ट्री कारोबारियों ने इस धंधे से तौबा कर ली।

इसके अलावा निजी पोल्ट्री मालिक अब नए चूजे नहीं रख रहे हैं, क्योंकि अभी कोविड की दूसरी लहर चल रही है। इसके अलावा बर्ड फ्लू के केस भी आ रहे हैं। ऐसे में पोल्ट्री उत्पादक किसी भी तरह से रिस्क नहीं लेना चाहते। 25 अप्रैल को चूजे का रेट पचास रुपये था, जोकि अब कम होकर दस रुपये से भी कम है, क्योंकि पोल्ट्री सेक्टर में चूजे की मांग नाममात्र है। साफ है कि बाजार में चिकन की किल्लत है। इसी के चलते चिकन की 20 फीसद की मांग भी मुश्किल से पूरी हो रही है। अभी हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा।

पोल्ट्री फार्मर्स की लागत बढ़ी, इसीलिए बढ़ रहे रेट

प्रोग्रेसिव पोल्ट्री फार्मर्स एसोसिएशन के चेयरमैन संजीव बस्सी का कहना है कि पिछले साल जब कोविड महामारी ने दस्तक दी तो लोगों में डर था और लोगों ने अंडे से परहेज कर लिया। नतीजतन पिछले साल अंडे की कीमत लाकडाउन में अपने न्यूनतम स्तर 232 रुपये प्रति सैंकड़ा को छू गई। इसके बाद अब कोविड की दूसरी लहर चल रही है, लेकिन इस बार अंडे को इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर देखा जा रहा है और अंडे की मांग बनी हुई है। बस्सी ने कहा कि पिछले बार हुए नुकसान के कारण उत्पादन काफी कम है। इसलिए कीमतों में इजाफा हो रहा है। पंजाब में घरेलू खपत के अलावा अंडे जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश एवं बिहार भी भेजे जा रहे हैं।

फीड की कीमतों में भी उछाल

फीड की कीमतों में भी जबरदस्त उछाल आया है। करीब दो माह पहले सोया फ्लेक्स की कीमत 25 हजार रुपये प्रति टन थी, जोकि अब बढ़कर 70 हजार रुपये प्रति टन पर पहुंच गई है। इसी तरह मूंगफली की खल का रेट भी 21 हजार रुपये से बढ़ कर 38 हजार रुपये प्रति टन और सरसों खल का रेट 19 हजार रुपये से बढ़कर 28 हजार रुपये प्रति टन पर पहुंच गया है। ऐसे में उत्पादकों की लागत में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। अब प्रति अंडा लागत करीब चार रुपये आ रही है, जबकि फार्म पर अंडे का रेट 4.40 प्रति सैंकड़ा है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन खुलने के बाद अंडे की कीमत में और उछाल आ सकता है।

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