पीएयू के कालेज आफ एग्रीकल्चर के 29 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कालेज आफ एग्रीकल्चर के बीएससी फाइनल इयर के 29 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है।

JagranSun, 07 Nov 2021 09:10 PM (IST)
पीएयू के कालेज आफ एग्रीकल्चर के 29 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर

आशा मेहता, लुधियाना :

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कालेज आफ एग्रीकल्चर के बीएससी फाइनल इयर के 29 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। विद्यार्थियों को स्पेशल कोर्स करने की मंजूरी नहीं मिल रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि स्पेशल कोर्स की मंजूरी न मिलने पर उनकी डिग्री लेट हो जाएगी, जिसकी वजह से उनका करियर प्रभावित होगा। इन विद्यार्थियों के हक में पीएयू टीचर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डा. हरमीत सिंह किगरा ने भी आवाज बुलंद की है।

उन्होंने कहा कि समझ से परे है कि इस साल विद्यार्थियों को स्पेशल कोर्स की परमिशन क्यों नहीं दी जा रही है, जबकि पूर्व के सालों में इसकी मंजूरी दी जाती रही है। तीन दिन पहले थापर हाल के बाहर दिए गए धरने के दौरान डा. किगरा ने चेतावनी दी थी कि अगर विद्यार्थियों के इस मसले को जल्द से जल्द हल नहीं किया गया, तो वह धरना देंगे।

क्यों पड़ती है स्पेशल कोर्सेंस की जरूरत पीएयू के विद्यार्थियों के अनुसार स्पेशल कोर्सेंज की परमिशन हमेशा से मिलती आई है। स्पेशल कोर्सें तब करने पड़ते हैं, जब पिछले सेमेस्टर में अलग अलग कारणों से विद्यार्थियों के कोर्सेंज पेंडिग रह जाते हैं। कई विद्यार्थी बीमार हो गए थे, जिसके चलते उनके कोर्स पेंडिग रह गए। स्टूडेंट्स ने कहा कि हर साल पेंडिग कोर्सेस को पूरा करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से स्पेशल कोर्सेंस करने की मंजूरी दी जाती रही है। जिसके तहत यूनिवर्सिटी की ओर से सेमेस्टर फीस के साथ साथ स्टूडेंट्स से कोर्स एडीशन फीस ली जाती है। लेकिन इस साल यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से सेमेस्टर फीस ले ली गई है, लेकिन स्पेशल कोर्स करने की परमिशन अब तक नहीं दी गई। तीन माह से विद्यार्थी रजिस्ट्रार दफ्तर व चंडीगढ़ में लगा रहे चक्कर

विद्यार्थियों ने बताया कि स्पेशल कोर्स करने के लिए विद्यार्थी अगस्त से यूनिवर्सिटी के डीन, डायरेक्टर से लेकर रजिस्ट्रार के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। स्टूडेंटस के अनुसार कालेज आफ एग्रीकल्चर के डीन एमआइएस गिल का कहना है कि उनकी तरफ से सीनियर अथारिटी को स्पेशल कोर्स का केस फारवर्ड कर दिया गया है। विद्यार्थियों ने बताया कि करीब 30 से 35 बार वह रजिस्ट्रार दफ्तर का चक्कर लगा चुके हैं। यही नहीं वह एक महीने से वीसी से मिलने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वह नहीं मिले। वीसी बोले, एकेडमिक काउंसिल की दोबारा से मीटिग बुलाई जाएगी

यूनिवर्सिटी के वीसी डीके तिवारी ने कहा कि स्पेशल कोर्स की परमिशन एकेडमिक काउंसिल ने देनी होती है। बीते दिनों विद्यार्थियों की इस मांग को लेकर एकेडमिक काउंसिल की मीटिग हुई थी, जिसमें अकेडमिक काउंसिल ने कहा कि एक या दो स्टूडेंट के लिए पूरे सेमेस्टर का कोर्स नहीं चलाया जा सकता है। उसमें कंडीशन थी कि मिनिमम दस स्टूडेंट्स अगर किसी एक सब्जेक्ट में फेल होते हैं, तो उन दस स्टूडेंट्स के लिए सेमेस्टर में अलग से क्लास चला सकते हैं। इसके बावजूद मेरी तरफ से रजिस्ट्रार को कहा गया है कि एकेडमिक काउंसिल की दोबारा बैठक बुलाई जाए। देखा जाए कि इसमें क्या हो सकता है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.