वैट नोटिस वापिस न लिया तो आंदोलन की राह पर उतरेंगे व्यपारी

'वैट नोटिस वापिस न लिया तो आंदोलन की राह पर उतरेंगे व्यपारी'
Publish Date:Thu, 22 Oct 2020 03:55 AM (IST) Author: Jagran

जासं, लुधियाना : करोना महामारी के कारण एक तो 85000 करोड़ का व्यापारियों का नुकसान हुआ है। उस पर पंजाब सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में 70000 वैट नोटिस भेज कर व्यापारियों को मौत के मुंह में धकेल दिया है। यह बात पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के राज्य महासचिव सुनील मेहरा ने राकेश वोहरा ने कही। इस दौरान रमेश महाजन और विजय कपूर की अध्यक्षता में सरकार विरोधियों नीतियों के विरुद्ध रोष प्रदर्शन कर वैट का पुतला फूंका गया।

सुनील मेहरा ने कहा कि कोरोना के कारण व्यापारी वर्ग पहले ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। अब किसान आंदोलन के कारण आवागमन ठप हो चुका है। आंदोलन के कारण बाहर से व्यापारी पंजाब में नहीं आ रहे। त्योहारी सीजन होने के कारण व्यापारियों को काम चलने की कुछ उम्मीद थी। परंतु किसान आंदोलन ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसान आंदोलन से परेशान व्यापारियों को कैप्टन सरकार ने वैट नोटिसों को भेजकर उनकी कमर तोड़ दी। मेहरा ने कहा कि एक तरफ तो सरकार किसानों को समर्थन दे रही है वहीं दूसरी ओर व्यापारियों को वैट नोटिस, महंगी बिजली के बिल आदि भेजकर तंग कर रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने प्रदेशभर में 70000 वैट के नोटिस व्यापारियों को भेजे हैं, जिसमें 23000 नोटिस केवल लुधियाना के है। अगर सरकार ने ये नोटिस वापिस ना लिए तो 25 अक्टूबर के बाद पूरे पंजाब में व्यापारियों की ओर से धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। इस अवसर पर महिदरपाल धवन, गुलशन, ईशू, विनोद मदान, काला वशिष्ठ, संदीप महाजन, डिपल मौजूद थे।

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