खराब मौसम ने मंडियों में किसानों व जमींदारों की बढ़ाई चिता

नवंबर में किसानों ने खेतों को गेहूं की फसल के लिए तैयार करना है। इसके चलते धान की फसल की कटाई तेजी से शुरू कर दी है ताकि समय पर फसल को मंडियों में लाकर बेच सकें।

JagranSun, 17 Oct 2021 09:56 PM (IST)
खराब मौसम ने मंडियों में किसानों व जमींदारों की बढ़ाई चिता

बिदु उप्पल, जगराओं : नवंबर में किसानों ने खेतों को गेहूं की फसल के लिए तैयार करना है। इसके चलते धान की फसल की कटाई तेजी से शुरू कर दी है, ताकि समय पर फसल को मंडियों में लाकर बेच सकें। उधर, जगराओं सहित अन्य 15 दानामंडियों काउंके कलां, गालिब कलां, कमालपुरा, डल्ला, अखाड़ा, रूमी, हांसकलां, पब्बियां, सिधवां कलां, बरसाल, बुजरग, चचराड़ी, रसूलपुर, मल्ला, भम्मीपुरा में किसानों व जमींदारों ने धान की फसल को लाना शुरू कर दिया है। मंडियों में धान की फसल बिखरी पड़ी है, जिसके चलते खराब मौसम व बूंदाबांदी ने किसानों की चिता बढ़ा दी है। बारिश के डर से लेबर पूरा दिन फसल को तरपालों से ढकती रही। मंडियों में किसानों व जमींदारों को 17 प्रतिशत तक नमी वाली फसल लाने के निर्देश दिए गए थे।

मार्केट कमेटी जगराओं के चेयरमैन काका ग्रेवाल ने बताया कि जगराओं नई दानामंडी सहित अन्य दाना मंडियों में धान की फसल की खरीद तेजी से हो रही है। उन्होंने माना कि रविवार को खराब मौसम के चलते चाहे धान की फसल की कम बोली लगी है, लेकिन किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नही आने दी जा रही है। ज्यों-ज्यों किसान व जमींदार अपनी फसल लेकर मंडियों में आ रहे है, उनकी बोली लगाकर फसल खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदी जा रही है। साथ में लिफ्टिंग भी की जा रही है। इस धान के सीजन में अभी तक जगराओं दानामंडी सहित अन्य 15 दाना मंडियों में कुल आमद 177692 क्विंटल, कुल खरीद 166480 क्विंटल हो चुकी है। मंडियों में खरीदी गई फसल की कुल लिफ्टिंग 75360 क्विंटल हुई है। 91120 क्विंटल फसल की लिफ्टिंग बाकी है। इसके अलावा 11212 क्विंटल फसल की बिक्री अभी बाकी है। मौसम को देखते हुए किसान अपनी फसल की कटाई करें : डा. बलदेव

खेतीबाड़ी विभाग पंजाब के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. बलदेव सिंह नार्थ ने कहा कि इन दिनों खराब मौसम चल रहा है तो किसानों को अपनी फसल की कटाई में थोड़ी देरी पानी चाहिए। क्योंकि खराब मौसम व बूंदाबूंदी से फसल में नमी की मात्रा अधिक हो जाती है। उन्होंने किसानों को अपील की है कि इन दिनों अगेती फसल को पानी लगाने व स्प्रे करने की जरूरत नहीं है। धान की फसल की कटाई सुबह दस बजे के बाद, शाम को सात बजे से पहले ही करनी चाहिए। क्योंकि सुबह व शाम को औस पड़ने के कारण फसल में नमी होती है। एक एकड़ में 30 क्विंटल फसल की पैदावार होती है। किसान अधिक पैदावार व क्वालिटी से खुश

खैहरा बेट गांव के किसान नरिदर सिंह, सरबजीत सिंह व बलकार सिंह ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार धान की पैदावार अधिक और उत्तम क्वालिटी की हुई। खेती माहिरों की सलाह अनुसार गेहूं व धान की फसल की खेती करते है। आज हमारे खेतों का निरीक्षण खेतीबाड़ी विभाग के ज्वांइट डायरेक्टर डा. बलदेव सिंह नार्थ ने खेतों का दौरा कर निर्देश दिए।

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