मंत्री आशु का एसोसिएट स्कूल संचालकों को आश्वासन, कैबिनेट में रखेंगे मुद्दा; जानें क्या है मांगें

आशु ने स्कूल संचालकों को भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दे को शिक्षामंत्री के सामने रखकर कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत करेंगे। समूह एसोसिएट स्कूल संगठन के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल संचालक एसोसिएशन पालिसी 2011 को बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

Vipin KumarPublish:Sun, 28 Nov 2021 12:25 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 12:25 PM (IST)
मंत्री आशु का एसोसिएट स्कूल संचालकों को आश्वासन, कैबिनेट में रखेंगे मुद्दा; जानें क्या है मांगें
मंत्री आशु का एसोसिएट स्कूल संचालकों को आश्वासन, कैबिनेट में रखेंगे मुद्दा; जानें क्या है मांगें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। लंबे समय से सूबे 2100 एसोसिएट स्कूलों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। शिक्षा विभाग व पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड समय समय पर नए नए आदेश जारी कर स्कूल संचालकों की मुश्किलें बढ़ा देते हैं। स्कूल संचालक एसोसिएट स्कूल्स के मुद्दे का स्थाई हल चाहते हैं। इसके लिए स्कूल संचालक मुख्यमंत्री को भी मिल चुके हैं। अब स्कूल संचालकों का एक शिष्टमंडल कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से मिला और उनसे मांग की कि 29 नवंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में उनके मुद्दे को भी रखा जाए और इस मामले को हमेशा के लिए हल किया जाए।

आशु ने स्कूल संचालकों को भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दे को शिक्षामंत्री के सामने रखकर कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत करेंगे। समूह एसोसिएट स्कूल संगठन के सदस्यों का कहना है कि लंबे समय से स्कूल संचालक एसोसिएशन पालिसी 2011 को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग व बोर्ड उन्हें परेशान कर रहा है जिसकी वजह से पांच लाख विद्यार्थियों व 50 हजार के करीब लोगों के रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है।

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राज्य सरकार का मकसद लोगों को रोजगार देना

स्कूल संघ के प्रधान जर्नाधन भट्ट ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि कैबिनेट की बैठक से पहले वह इस बारे में शिक्षा मंत्री परगट सिंह से भी बात करेंगे और मुख्यमंत्री को भी इस बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मकसद लोगों को रोजगार देना और बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 2100 स्कूल अपने अपने क्षेत्रों में निम्न वर्ग के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। ऐसे में सरकार उनके प्रयासों की अनदेखी नहीं करेगी।

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