लुधियाना में आंगनबाड़ी मुलाजिमों ने कलम छोड़ हड़ताल कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, सीडीपीओ को सौंपा मांगपत्र

लुधियाना में मांगों को लेकर आंगनबाड़ी मुलाजिमों ने रोष जताया। अर्बन वन टू थ्री और फोर के अलावा मांगट एवं रूलर ब्लाक की मुलाजिम एकत्रित हुई। मुलाजिमों ने कहा कि उनकी काफी समय से मांगे लंबित चली आ रही है जिसकी कोई भी सुनवाई नहीं हो पा रही।

Vinay KumarFri, 24 Sep 2021 11:58 AM (IST)
लुधियाना में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंगनबाड़ी मुलाजिम।

जागरण संवाददाता, लुधियाना। लुधियाना में पिछले काफी समय से लंबित चली आ रही मांगों को लेकर शुक्रवार आंगनबाड़ी मुलाजिमों ने रोष जताया। इस दिन मुलाजिमों ने अपने-अपने ब्लाक में कलम छोड़ हड़ताल जारी रखी। शिमलापुरी स्थित कार्यालय में अर्बन वन, टू, थ्री और फोर के अलावा मांगट एवं रूलर ब्लाक की मुलाजिम एकत्रित हुई। इस दौरान वर्कर्स ने चाइल्ड डिवेल्पमेंट प्रोजेक्ट आफिसर (सीडीपीओ) को मांग पत्र दिया। मुलाजिमों ने कहा कि उनकी काफी समय से मांगे लंबित चली आ रही है जिसकी कोई भी सुनवाई नहीं हो पा रही। इस संबंधी कई बार धरने-प्रदर्शन, मांगपत्र दिए जा चुके हैं फिर भी उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगे तीन से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी सेंटर्स में शिफ्ट किया जाए।

वहीं वर्कर्स को 24,000 रुपये तथा हेल्पर्स को 18,000 रुपये वेतन दिया जाए। तीसरा पीने के पानी तथा बिल्डिंग का प्रबंध किया जाए। चौथा वर्कर्स से मोबाइल के जो काम लिए जाते हैं, इससे पहले जरूरी है कि उन्हें मोबाइल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पांचवां सीए और डीए बीस रुपये से बढ़ाकर दौ सौ रुपये तक किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स आशा रानी, निर्मल कौर, बलविंदर ने कहा कि अब अगर उनकी मांगों की तरफ ध्यान न दिया गया तो वह दोबारा अपना संघर्ष तेज करेंगे। आज तो केवल उन्होंने मांगपत्र दे नारेबाजी ही की है। इस दौरान आरती, रजनी, इंद्रजीत सहित अन्य वर्कर्स मौजूद रही।

डीएपी खाद की कमी से परेशान किसानों ने किया प्रदर्शन

डीएपी खाद की कमी से परेशान किसानों एवं को-आपरेटिव सोसाइटी के कर्मियों ने वीरवार को समराला के मुख्य चौक में रोष प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे तक धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन कादियां के प्रधान हरदीप सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि आलू किसानों को फसल के लिए डीएपी खाद नहीं मिल रही है। इससे किसान मुश्किल में हैं।

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