Stubble Burning In Punjab: पंजाब में दशहरा की आड़ में खूब जली पराली, 660 मामले आए सामने

Stubble Burning In Punjab पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) से मिले आंकड़ों के अनुसार 14 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के 1286 मामले सामने आए थे। यह 16 अक्टूबर को बढ़कर 2375 हो गया। खास तौर पर दशहरा को टारगेट करके ज्यादा पराली जलाई गई है।

Vipin KumarMon, 18 Oct 2021 08:35 AM (IST)
खास तौर पर दशहरा को टारगेट करके ज्यादा पराली जलाई गई है। (सांकेतिक तस्वीर)

जागरण संवाददाता, पटियाला। Stubble Burning In Punjab: धान की कटाई में तेजी के साथ ही पराली जलाने के मामले भी ज्यादा बढ़ने लगे हैं। सरकार के सारे प्रयास बौने साबित हो रहे हैं। इस सीजन में दशहरा पर एक दिन में सबसे ज्यादा पराली जलाई गई। इस दिन सबसे जयादा 660 पराली जलाने के केस सामने आए हैं। इसका एक कारण कृषि कानूनों का विरोध है तो दूसरा दशहरा की आड़ में किसानों द्वारा ज्यादा पराली जलाना है। वहीं किसान जत्थेबंदियों ने कृषि कानूनों के विरोध में काले त्योहार मनाने का एलान किया हुआ है। इसके चलते खास तौर पर दशहरा को टारगेट करके ज्यादा पराली जलाई गई है।

पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) से मिले आंकड़ों के अनुसार 14 अक्टूबर तक राज्य में पराली जलाने के 1286 मामले सामने आए थे। यह 16 अक्टूबर को बढ़कर 2375 हो गया। 15 और 16 अक्टूबर को पराली जलाने के 1089 केस हुए रिपोर्ट हुए। इससे पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और पीपीसीबी (पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) की चिंता भी बढ़ने लगी है। सिर्फ 15 अक्टूबर को अब तक के सबसे ज्यादा 660 केस रिपोर्ट हुए जबकि 16 को 429 मामले आए सामने आए हैं।

पराली जलाने के आंकड़े को पीपीसीबी रिमोट सेंसिंग सेंटर लुधियाना से प्राप्त करता है। 15 और 16 को सबसे ज्यादा तरनतारन में जली पराली15 और 16 अक्टूबर को सबसे ज्यादा पराली तरनतारन जिले में जली है। 15 अक्टूबर को तरनतारन में पराली जलाने के सबसे ज्यादा 158, अमृतसर में 109 और पटियाला में 91 केस सामने आए हैं। वहीं 16 अक्टूबर को तरनतारन में 114, अमृतसर में 72 और पटियाला में 59 मामले सामने आ चुके हैं।

अब तक सबसे ज्यादा पराली जलाई जाने वाले जिले

जिला मामले

अमृतसर 604

तरनतारन 586

पटियाला 251

लुधियाना 148

गुरदासपुर 143

फतेहगढ़ साहिब 101

पराली जलाने वालों पर कार्रवाई जारीः चेयरमैन

पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जहां जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं वहीं पराली जलाने की सूचना एप के जरिए तुरंत संबंधित जिला अधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेज दी जाती है। इसके चलते जिला प्रशासन की तरफ से कर्मचारी को मौके पर भेजकर संबंधित मामले में कार्रवाई भी अमल में लाई जाती है। इसके बाद कार्रवाई की सूचना चीफ सेक्रेटरी के पास भी भेजी जाती है। -डा. आदर्श पाल विग, चेयरमैन पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड

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