एसजीपीसी के खिलाफ सिख संगठनों का प्रदर्शन

एसजीपीसी के खिलाफ सिख संगठनों का प्रदर्शन
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 02:10 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, फगवाड़ा : श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के गुम हुए 328 पावन स्वरुपों का हिसाब लेने और आरोपितों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न सिख जत्थेबंदियों ने श्री दरबार साहिब अमृतसर में एसजीपीसी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। तकरीबन दो सप्ताह बाद भी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के गुम हुए 328 पावन स्वरुपों का न तो हिसाब दिया जा रहा है और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है। इसके चलते सिख संगठनों में रोष है।

रविवार को फगवाड़ा के सिख संगठनों की ओर से रविवार को छठी पातशाही गुरुद्वारा श्री सुखचैनआना साहिब के बाहर एसजीपीसी दफ्तर के सामने धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटनास्थल पर एसपी मनविंदर सिंह, एसएचओ ओंकार सिंह पुलिस कर्मियों सहित पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी सिख पंथ की एक अहम संस्था है लेकिन मौजूदा समय में सिख धर्म के सिद्धांतों को गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धार्मिक ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप सुरक्षित नहीं है। जिसका सीधे तौर पर जिम्मेदार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और इसके पदाधिकारी है। प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों ने मांग की कि जहां पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की छपाई होती है उन्हें तुरंत बंद करवाया जाए। इसके अलावा श्री गुटका साहिब की छपाई करने वाली सभी प्राइवेट पेस को बंद किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के गुम हुए स्वरुपों के दोषियों को सामने लाया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वह पूरे पंजाब में एसजीपीसी के खिलाफ इस मामले को लेकर मोर्चा खोलेंगे और सिख पंथ के खिलाफ की जा रही साजिशों का पर्दाफाश करेंगे। धरने में मनजीत सिंह, सतिंदरजीत सिंह, तजिंदर सिंह बबलू, सर्बजीत सिंह, तजिंदर सिंह खालसा, गुरदियाल सिंह, हरबंस सिंह, दविंदर सिंह, एकम सिंह, कृपाल सिंह, राजिंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, जसबीर सिंह, जसविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, प्रभजोत सिंह, इंद्रपाल सिंह व अन्य शामिल थे।

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