केंद्रीय मंत्री तोमर ने रावलपिंडी में मेगा फूड पार्क का किया शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री तोमर ने रावलपिंडी में मेगा फूड पार्क का किया शुभारंभ

फगवाड़ा के गांव रावलपिंडी में बने मेगा फूड पार्क का बुधवार को शुभारंभ वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि एवं किसान कल्याण ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 09:06 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, फगवाड़ा : फगवाड़ा के गांव रावलपिंडी में बने मेगा फूड पार्क का बुधवार को शुभारंभ वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, केंद्रीय वाणिच्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश, वित्त मंत्री पंजाब मनप्रीत सिंह बादल, विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल विशेष रूप से शामिल हुए।

इस दौरान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि खेती-किसानी के क्षेत्र में पंजाब-हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमें गर्व है कि इन राज्यों के किसानों की अथक मेहनत के कारण भारत आज खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि सरप्लस है। पंजाब गेहूं व धान में अग्रणी रहा है लेकिन अब भू-जल स्तर कम होने से फसलों के विविधीकरण की आवश्यकता है, जिसके लिए पंजाब के किसानों ने सफलतापूर्वक कदम आगे बढ़ाए हैं। फूड प्रोसेसिंग पर भी पूरा ध्यान देना जरूरी है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा, वहीं संबंधित क्षेत्रों को भी फायदा होगा।

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि उपजों की एमएसपी को बढ़ाया गया है, 10 हजार नए एफपीओ बनाने की स्कीम सरकार लाई, किसानों को ब्याज सब्सिडी दी जा रही है, छोटे किसानों जिनकी संख्या 86 प्रतिशत है, उन्हें लाभ पहुंचाने पर पूरा ध्यान है।

उन्होने कहा कि किसानों को एफपीओ के माध्यम से अनेक फायदे होंगे। एफपीओ भारत सरकार का एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है। आत्मनिर्भर भारत अभियान में पैकेज के अंतर्गत एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से स्वीकृतिया देना प्रारंभ हो चुका है, पंजाब को भी इसका फायदा उठाना चाहिए। फूड प्रोसेसिंग के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है, जिससे किसानों को वाजिब लाभ मिल सकेगा, वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अभी तक 37 मेगा फूड पार्को को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है, जिनमें से 20 पूर्व में प्रारंभ हो चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने नरेंद्र तोमर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान का विशेष महत्व है, आइसीएआर बहुत अच्छे से शोध कर रहा है, जिसका लाभ देश को मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को पंजाब में कृषि अनुसंधान को और बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब से शोध कार्य, एथेनाल संबंधी तथा अन्य जो भी प्रस्ताव आएंगे, केंद्र सरकार उन पर गंभीरता से विचार करेगी। मेगा फूड पार्क के शुभारंभ को लेकर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान शामिल हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि मेगा फूड पार्क में विकसित की गई आधुनिकतम अवसंरचना और प्रसंसकरण सुविधाएं न केवल कृषि उत्पादों के नुकसान को कम करेगी, बल्कि मूल्यवर्धन भी सुनिश्चित करेगी। केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि इस पार्क से आसपास के क्षेत्रों को काफी फायदा होगा। कार्यक्रम को सुखजीत मेगा फूड पार्क एंड इंफ्रा लिमिटेड के डायरेक्टर भवदीप सरदाना व धीरज सरदाना ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एडीसी कम निगम कमिश्नर राजीव वर्मा, एसडीएम पवित्र सिंह, एसपी मनविंदर सिंह भी उपस्थित थे।

किसान कल्याण व औद्योगिक विकास पर ध्यान

मेगा फूड पार्क के शुभारंभ के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री पंजाब मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में कृषि उत्पादन के साथ ही अब किसान कल्याण व औद्योगिक विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का मकसद किसानों को हर सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समाधान करना है।

मेगा फूड पार्क से पंजाब के किसानों को होगा लाभ : धालीवाल

मेगा फूड पार्क के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल (रिटायर्ड आइएएस) ने कहा कि इस मेगा फूड पार्क से पंजाब व दोआबा के किसानों को भारी लाभ होगा। फूड पार्क का उद्देश्य किसानों, प्रोसिसिंग इंडस्ट्री व खुदरा विक्रेताओं को एक साथ लाना है ताकि कृषि उत्पादों को एक तंत्र के माध्यम से जोड़ा जा सके। मेगा फूड पार्को के जरिए कैप्टन सरकार मुख्यत: कृषि उत्पादों की कीमतों में वृद्धि करने, खाद्य पदार्थो की बर्बादी रोकने, किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करने पर जोर दे रही है। इन फूड पार्को का उद्देश्य खाद्य पदार्थो के प्रसंस्करण को 6 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाना है तथा खाद्य पदार्थ उद्योग में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 1.5 से 3 प्रतिशत तक करना है।

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