इंसानियत शर्मसार : शव लेने के लिए दो दिन तक भटकती रही बुजर्ग पत्नी

इंसानियत शर्मसार : शव लेने के लिए दो दिन तक भटकती रही बुजर्ग पत्नी

सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम बरकरार है। शुक्रवार को मानवता को शर्मसार कर देने का मामला सामने आया। पति की लाश लेने के लिए बुजुर्ग पत्नी दो दिन तक डाक्टरों व स्टाफ की मिन्नतें करती रही लेकिन शव नहीं दिया गया।

JagranSat, 08 May 2021 07:01 AM (IST)

जागरण संवाददाता, जालंधर : सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम बरकरार है। शुक्रवार को मानवता को शर्मसार कर देने का मामला सामने आया। पति की लाश लेने के लिए बुजुर्ग पत्नी दो दिन तक डाक्टरों व स्टाफ की मिन्नतें करती रही लेकिन शव नहीं दिया गया। सिस्टम व फाइलों में उसे इस कद्र फंसा दिया गया कि दो तक वह अस्पताल में ही घूमती रही पर किसी ने उसका दर्द नहीं सुना। अड्डा होशियारपुर चौक निवासी सुमन ने बताया कि बुधवार को उसके पति जतिदर की तबीयत खराब हो गई। इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाए तो डाक्टरों ने कहा कि पति की मौत हो गई। मृतक के कोरोना पाजिटिव होने की आशंका जताकर लाश को शवगृह भेज दिया गया।

सुमन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें पति की मौत का कागजात नहीं दिया। शवगृह वाले सिविल अस्पताल से शव लेने के लिए कागजात मांगते रहे। अस्पताल प्रशासन पर पहले फाइल बनाने के नाम पर दौड़ाया। उसके बाद पीपीई किट लेकर आने की बात कही। सिविल सर्जन आफिस में पीपीई किटें देने वाले स्टाफ ने पीपीई किट नहीं दी। उनको कभी सिविल अस्पताल, कभी सिविल सर्जन आफिस तो कभी ईएसआई अस्पताल भेजते रहे। अस्पताल प्रशासन ने शव लेकर जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं दी। शुक्रवार को जब मामला गर्माने गया तो अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और उनकी समस्या का समाधान हुआ।

दोषी कौन? सिस्टम या कोई और

सिविल अस्पताल के डा. कामकाज ने बताया कि मरीज जब सिविल अस्पताल में पहुंचा तो मर चुका था। परिजनों के बताए लक्षणों के आधार मरीज कोरोना का संदिग्ध मरीज था। इन हालात में अस्पताल प्रशासन कोरोना प्रोटोकाल के तहत ही शव परिजनों को सौंपता है। अस्पताल के स्टाफ ने शव को शवगृह में भिजवा दिया था। मृतक के परिजन शव घर ले जाने को लेकर दबाव बना रहे थे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सरकारी एंबुलेंस में शव उनके घर छोड़ने की बात कहीं जो कोरोना प्रोटोकाल में नहीं। परिवार को काफी मनाया गया लेकिन वो नहीं माने। तमाम कागजात तैयार करने पीपीई किटें मुहैया करवा शव अंतिम संस्कार के लिए भिजवाया गया।

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