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Weather Update: हल्की बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, लोगों को नहीं हुए सूरज के दर्शन Jalandhar News

जालंधर, जेएनएन। वीरवार सुबह हल्की धुंध और आसमान में बादल छाए रहने के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर को हुई हल्की बूंदाबांदी से हवा में ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। वीरवार को ठंड के कारण ज्यादातर लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए।

दोआबा कॉलेज के प्रो. दलजीत सिंह का कहना है कि पहाड़ों की चोटियों पर बर्फ पड़ने की वजह से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर चलने से धुंध और ठंड बढ़ रही है। हवा में नमी का स्तर भी बढ़ने लगा है। ओस की बूंदें और बारिश से हवा में अटके पार्टिकुलेट मैटर छंटने से लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।

इससे पहले बुधवार शाम को एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 184 तक पहुंच गया। पिछले दो तीन दिन से पटाखे चलने से धुएं और बारिश के बाद गिली पराली को लगाई की आग से आसमान में धुएं की चादर फैल गई है। इसके साथ ही पहाड़ों में बर्फबारी होने के कारण फाॅग भी बढ़ गया है और लोगों ने सीजन की पहली ठिठुरन महसूस की। उन्होंने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

बुधवार को मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 24.7 तथा न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। 16 नवंबर तक आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। इसके बाद फाॅग बढ़ने से समस्याएं पैदा होगी।

ओस पड़ने और बारिश से होगा समस्या का समाधान

दोआबा कालेज के प्रो. दलजीत सिंह का कहना है कि पटाखों के धुएं ने दोबारा एयर क्वालिटी इंडेक्स को प्रभावित कर दिया है। वहीं पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से ठंडी हवाएं मैदानों में ठिठुरन को बढ़ावा दे रही है। वहां बर्फबारी के चलते फाॅग भी बढ़ा है। अब ओस पड़ने और और बारिश से समस्या का समाधान होगा।

जालंधर में पराली जलाने के मामलों की संख्या 1700 पहुंची

पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एक्सईएन अरुण कक्कड़ का कहना है कि पिछले दिनों बरसात की वजह से खेतों में पराली गीली हो गई थी। कुछ किसानों की ओर से गीली पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। पराली और पटाखों के धुएं की वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रभवित हुआ है, हालांकि यह खतरनाक स्तर पर नही पहुंचा है। अगर जालंधर की बात करें तो जिले में पराली जलाने के मामलों की संख्या 1700 के करीब पहुंच गई है।

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