मान कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को गोद में खिलाया था, फुर्ती देख राष्ट्रपति रह गए थे दंग, प्रधानमंत्री ने जोड़ लिए थे हाथ

वेटरन एथलीट मान कौर 105 वर्ष की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को उन्होंने बचपन में अपनी गोद में खिलाया था। वर्ष 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उनकी उपलब्ध्यिों को देखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से समानित किया था।

Pankaj DwivediSat, 31 Jul 2021 03:33 PM (IST)
मान कौर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी अपनी गोद में खिला चुकी हैं।

आनलाइन डेस्क, जालंधर। इंटरनेशनल मास्टर एथलीट मान कौर का शनिवार दोपहर डेराबस्सी (मोहाली) के अस्पताल में निधन हो गया। वह 105 वर्ष की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को उन्होंने बचपन में अपनी गोद में खिलाया था। आयु का शतक लगा चुकीं मान कौर की चुस्ती-फुर्ती के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कायल थे। वर्ष 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उनकी उपलब्ध्यिों को देखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से समानित किया था। राष्ट्रपति भवन में सम्मान लेने के लिए वह जिस फुर्ती से स्टेज पर पहुंचीं थी, उसे देखकर वह चकित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आगे दोनों हाथ जोड़कर खड़े हो गए थे।

पटियाला राजघराने की रसोई में काम करती थी मान कौर

मान कौर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी अपनी गोद में खिला चुकी हैं। मान कौर ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा था कि वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के दादा भूपेंदर सिंह के रसोई घर में काम करती थीं, उस दौर में पटियाला शाही राजघराने के अपने ही ठाठ-बाट थे।

जीवन में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम किए

मान कौर ने 93 की उम्र में बेटे के कहने पर दौड़ लगानी शुरू की।  102 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 100 मीटर स्प्रिंट का गोल्ड मेडल जीता। ऑकलैंड में स्काई टॉवर पर ‘स्काई वॉक’ कर रिकॉर्ड बनाया था, उस समय उनकी उम्र 102 साल की थी। यह स्काई टॉवर शहर से 192 मीटर की ऊंचाई पर था। इस विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने में मान कौर के 80 साल के बेटे गुरदेव सिंह ने उनका साथ दिया। मान ने अपने बेटे का हाथ पकड़कर यह ‘स्काई वॉक’ की थी।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज 

ऑकलैंड में मान कौर ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया था। यहां उन्होंने जेवेलिन थ्रो में 5 मीटर का स्कोर लगाकर गोल्ड मेडल जीता। सैकरामेंटो में पहली बार वर्ल्ड मास्टर गेम्स में हिस्सा लिया था। 100 और 200 मीटर में दो गोल्ड जीतकर उन्होंने रिकॉर्ड बुक में पहली बार इंडिया का नाम दर्ज कराया था। 

वर्ष 2011 में ही उन्हें एथलीट ऑफ द ईयर चुना गया था। मान कौर को एथलेटिक्स में लेकर आने वाला उनका बेटा ही है। उनके बेटे गुरदेव की उम्र 80 साल की है और उन्हीं के साथ मान कौर ने ट्रेनिंग शुरू की थी। वे उनके साथ हर वर्ल्ड मास्टर गेम्स में हिस्सा लेते रहे।

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