बेमौसमी बारिश ने ढाया अन्नदाता पर कहर

बेमौसमी बारिश ने ढाया अन्नदाता पर कहर

बुधवार रात व वीरवार दोपहर को हो रही बेमौसमी बारिश ने किसानों के माथे पर चिता की लकीरें खींच दी हैं। बारिश के कारण जहां किसानों की खेतों में खड़ी फसलें भी जमीन पर बिछ गई हैं वहीं मंडियों में पहुंची फसलें भी भारी बारिश में भीग रही हैं।

JagranThu, 22 Apr 2021 08:00 PM (IST)

संवाद सूत्र, भोगपुर : बुधवार रात व वीरवार दोपहर को हो रही बेमौसमी बारिश ने किसानों के माथे पर चिता की लकीरें खींच दी हैं। बारिश के कारण जहां किसानों की खेतों में खड़ी फसलें भी जमीन पर बिछ गई हैं वहीं मंडियों में पहुंची फसलें भी भारी बारिश में भीग रही हैं। इस मौके किसान अमरजीत सिंह व गुरमीत सिंह काहलों ने कहा कि एक तरफ तो केंद्र सरकार व पंजाब सरकार की किसान विरोधी नीतियों का संताप किसान लंबे समय से झेल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कुदरत के इस कहर ने परेशानी को ओर बढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा कि काटी गई गेहूं अब मंडियों के अंदर रुल रही है क्योंकि मंडियों में बारदाने की भारी किल्लत पाई जा रही है। इसको लेकर किसान गंभीर चिताओं में नजर आ रहे हैं। वहीं आढ़ती वर्ग भी समय पर गेहूं को बोरियों में भरने सहित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, क्योंकि मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे गेहूं के ढेरों खराब होने का अंदेशा लगा रहता है।

उन्होंने पंजाब सरकार से मांग करते कहा कि मौसम की खराबी के कारण बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर बनता मुआवजा दिया जाए। शिअद प्रधान अमृतपाल सिंह खरलकलां ने भी जमीन पर बिछी गेहूं की फसल पर चिता प्रकट की है। मंडी का सीजन लेट शुरू करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौसम की खराबी के कारण मंडी के काम भी ठप्प हो रहे हैं।

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