डॉलर की कीमत बढ़ने से हर इंडस्ट्री के कारोबार पर पड़ेगा असर

कमल किशोर, जालंधर : डॉलर की मजबूत स्थिति से एक्सपो‌र्ट्स का अंतरराष्ट्रीय मार्केट में व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। महंगा रॉ मटीरियल मिलने से एक्सपो‌र्ट्स सात प्रतिशत उत्पाद महंगे कर सकते हैं। जालंधर इंडस्ट्री अधिकतर रॉ मटीरियल इंपोर्ट करती है। डॉलर की कीमत बढ़ने से रॉ मटीरियल इंपोर्ट होने वाले रॉ मटीरियल में सात प्रतिशत महंगा हो गया है। इंडस्ट्री एशियन व अफ्रीकन देशों से ब्रास, गन मेटल व स्टेनलेस स्टील रॉ मटीरियल इंपोर्ट करवाती है। आने समय में डॉलर की कीमत स्थिर नहीं हुई तो वॉल्व एंड कॉक्स व ऑटो पा‌र्ट्स इंडस्ट्री के उत्पाद महंगे होने की संभावना है। बॉयर पहली कीमत पर ही आर्डर देगा जोकि इंडस्ट्री के लिए तैयार करना मुश्किल हो जाएगा। इंडस्ट्री को बचने वाला मार्जिन भी छोड़ना पड़ेगा। एक्सपोर्टस का कहना है कि डॉलर कीमत बढ़ने से इंडस्ट्री को कोई प्राफिट नहीं होता बल्कि रॉ मटीरियल महंगा होने से अंतरराष्ट्रीय मार्केट में व्यापार करना मुश्किल हो जाता है। फैक्ट फाइल

-जालंधर में 400 वॉल्व व कॉक्स इंडस्ट्री है जो प्रतिवर्ष 1500 करोड़ का कारोबार करती है। इंडस्ट्री गेट वॉल, बॉल वाल, जैक वॉल, बिप कॉक, पिल्लर कॉक, ऐंगल कॉक, यूनियन बोलटस सेंट्रल होल मिक्सर, कनसीड कॉक, स्ट्रीम वॉल व अन्य अत्पाद तैयार करती है। डॉलर की कीमत बढ़ने से यह उत्पाद महंगे होने की संभावना है।

-जालंधर में ऑटो पा‌र्ट्स की 100 इंडस्ट्री है जो प्रतिवर्ष 1400 करोड़ का कारोबार करती है। इंडस्ट्री में रिम, इंजन, नट बोल्ट, टाई रोड एंड बैयरिंग, वैशिस, पंप, इलेक्ट्रीकल गैजेट, कट ऑउट वाइपर, चेसी पा‌र्ट्स, डैश बोर्ड, शॉकर, स्प्रिंग, सस्पेंशन उत्पाद तैयार होते है। यह उत्पाद पाच से सात प्रतिशत महंगे होने की संभावना है। डॉलर स्थिर नहीं हुआ तो महंगे होंगे उत्पाद

ऑल इंडिया वॉल्व एंड कॉक्स मैनूफैक्चरिंग एसोसिएशन के फाउंडर प्रेसीडेंट विमल जैन ने कहा कि रॉ मटीरियल में सात प्रतिशत महंगा हो चुका है। डॉलर स्थिर नहीं हुआ तो इंडस्ट्री को उत्पाद महंगे करने पड़ सकते है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। ऑटो पा‌र्ट्स निर्माता कंपनी जेएमपी इंडस्ट्री के एमडी बलराम कपूर ने कहा कि डॉलर महंगा होने से इंडस्ट्री को मार्जिन छोड़ना होगा। बॉयर पहले रेट पर आर्डर देगा। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उत्पाद को स्थिर रखना मुशिकल हो जाएगा। डॉलर महंगा होने से हर इंडस्ट्री के कारोबार पर असर पड़ेगा।

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