जालंधर में शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर रात से बच्चों समेत धरने पर बैठे शिक्षक, बोले- अपना हक लिए बना नहीं हटेंगे

जालंधर में शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी के बाहर शिक्षक बच्चों समेत रात भर से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता वह शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर लगाए गए मोर्चे को नहीं हटाएंगे।

Vinay KumarWed, 08 Dec 2021 12:41 PM (IST)
जालंधर में शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर धरने पर बैठे शिक्षक।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी के बाहर रात भर प्रदर्शन करने वाले ईटीटी टेट पास 6505 अध्यापक यूनियन के सदस्य सुबह भी बच्चों के साथ प्रदर्शन में जुटे रहे। जिनका यही कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता वह शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर लगाए गए मोर्चे को नहीं हटाएंगे। क्योंकि सरकार की तरफ से लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। यही कारण है कि नहीं इन हालातों में शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर मोर्चा लगाकर बैठना पड़ रहा है। अपना हक लिए बिना यहां से पीछे हटेंगे।

काबिले जिक्र हो कि अध्यापकों की तरफ से मंगलवार रात करीब 10:30 बजे से शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया था। इस दौरान अध्यापक अपने बच्चों को भी साथ लेकर धरने पर बैठे थे।  जिन्होंने सरकार की बेरुखी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। गुरमुख सिंह का यही कहना था कि पंजाब सरकार की तरफ से 2016 में 4500 और 2005 अध्यापकों की भर्ती एक साथ निकाली गई थी। अधिकतर अध्यापकों की तरफ से दोनों ही पोस्टों में आवेदन किए गए थे। जिस वजह से कई अध्यापकों की दोनों ही पोस्ट में मेरिट बनी थी। तब विभाग की तरफ से ही किसी एक पोस्ट पर आवेदन की मोहर लगाने संबंधी शर्त रखी थी।

इस वजह से अध्यापकों को शिफ्ट किया गया था। बाद में शिफ्ट होने वाले 180 अध्यापकों को सेंटर पे स्केल लगाकर निकाल दिया गया। जिसका विरोध यूनियन के सदस्य निरंतर करते आ रहे हैं। गुरमुख सिंह कहना है कि जब तक उनकी मांगे क्लियर नहीं होती वह अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे क्योंकि सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए ही उन पर दबाव बना रही है और उनके हक से खिलवाड़ भी कर रही है।

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