Delhi Singhu Border Murder: बेरहमी से मारे गए लखबीर की पत्नी बोली; मेरा पति कभी अमृतसर नहीं गया, सिंघू बार्डर कैसे पहुंचा

दिल्ली के सिंघू बार्डर पर लखबीर सिंह उर्फ टीटू की हत्या के बाद मायके में रहती पत्नी जसप्रीत कौर तीनों बेटियों समेत ससुराल चीमा खुर्द पहुंची। जसप्रीत ने चीखते हुए कहा कि उसका पति कभी अकेला अमृतसर तक नहीं गया उसे सिंघू बार्डर कौन ले गया इसकी जांच हो।

Pankaj DwivediFri, 15 Oct 2021 05:41 PM (IST)
दिल्ली के सिंघू बार्डर में लखबीर की हत्या के बाद जसप्रीत तीन बेटियों के साथ ससुराल पहुंची है।

धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन। Delhi Singhu Border Murder शुक्रवार सुबह जिस लखबीर सिंह उर्फ टीटू (Lakhbir Singh Titu Tarantaran) की दिल्ली के सिंघू बार्डर पर नृशंसता से हत्या कर दी गई, वह भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव कलस के दर्शन सिंह के घर पैदा हुआ था। बाद में उसे और बहन राजबीर को बुआ और फूफा ने गोद ले लिया था। टीटू की हत्या की खबर मिलते के बाद मायके में रहती उसकी पत्नी जसप्रीत कौर तीनों बेटियों समेत ससुराल चीमा खुर्द पहुंची। जसप्रीत ने चीखते हुए कहा कि उसका पति कभी अकेला अमृतसर तक नहीं गया, उसे आखिर सिंघू बार्डर कौन ले गया, इसकी जांच होनी चाहिए। जसप्रीत ने कहा कि पति लखबीर शुरू से ही क्लीन शेव था। हत्या के मौके पर उसने वह कछेरा पहन रखा था, जो सिखों में केवल अमृतधारी व्यक्ति ही पहनता है। लखबीर की हत्या से पूरा चीमा खुर्द गांव सदमे में है।

गांव के लोगों के अनुसार बचपन में ही लखबीर और उसकी छोटी बहन राजबीर कौर को उसकी बुआ महिंदर कौर और फूफा हरनाम सिंह ने गोद ले लिया था। गरीबी से जूझने वाले लखबीर का वर्ष 2006 में अमृतसर के गांव लोधेवाल की जसप्रीत कौर के साथ विवाह हुआ था। तीन बेटियों के पिता लखबीर नशा करने का आदी थी। उसकी इस आदत से परेशान होकर पत्नी जसप्रीत छह वर्ष पहले बेटियों को लेकर मायके चली गई थी। 

गांव चीमा खुर्द में पति की मौत के बाद बेटी के साथ लखबीर सिंह की पत्नी जसप्रीत कौर।

अनाज मंडी में मजदूरी करता था लखबीर

मैट्रिक पास लखबीर अनाज मंडी में मजदूरी करता था। उसके घर तीन बेटियां तानिया (14), संदीप (11), कुलदीप (9) पैदा हुईं। फिर तीन वर्ष बाद मंदबुद्धि बेटा पैदा हुआ, जो दो वर्ष बाद दम तोड़ गया। नशे की लत के शिकार टीटू को उसकी पत्नी जसप्रीत कौर ने तीन बेटियों का वास्ता देकर कई बार नशे से तौबा करने की नसीहत दी। उसे तीन बार नशा छुड़ाओ सेंटर में दाखिल भी करवाया गया। नशा न छोड़ने के कारण जसप्रीत वर्ष 2015 में तीनों बेटियों को लेकर मायके चली गई।

जसप्रीत के छोटे भाई सुखचैन सिंह ने बताया कि वह रंग-रोगन का काम करता है। छोटी बहन गुरमीत कौर बिहाने वाली है। घर में बुजुर्ग पिता बलदेव सिंह, मां सविंदर कौर हैं। शादीशुदा सुखचैन ने बताया कि लखबीर ने कभी परिवारिक जिम्मेदारी नहीं निभाई। शुक्रवार तड़के लखबीर की सिंघू बार्डर पर निर्मम हत्या की खबर मिली। उसके साथ जसप्रीत तीनों बेटियों समेत गांव चीमा खुर्द पहुंची।  सुखचैन ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर कई तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। यह बात किसी को हजम नहीं हो रही थी। टीटू भले ही नशे का आदी था लेकिन वह ऐसी नीच हरकत नहीं कर सका। नीच हरकत तो उसकी निर्मम हत्या करने वालों ने की है।

तरनतारन के चीमा खुर्द गांव में लखबीर के घर पर शोक व्यक्त करते हुए लोग।

पड़ोसी बोले- मामले की उच्चस्तरीय जांच हो

लखबीर के पड़ोस में रहने वाली सविंदर कौर, कंवलजीत कौर ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लखबीर सिंह टीटू और उसकी छोटी बहन राजबीर कौर को भूआ महिंदर कौर व फूफा हरनाम सिंह (पूर्व सैनिक) ने गोद लिया था। राजबीर कौर का गांव कसेल में विवाह हुआ था। दो वर्ष पहले विधवा हुई राजबीर कौर फिर मायके घर लौट आई थी। जबकि महिंदर कौर व हरनाम सिंह की भी मौत हो चुकी है। टीटू पर धार्मिक बेअदबी करने का आरोप सरासर झूठा है। उसने कभी भी किसी ग्रामीण को तंग परेशान नहीं किया।

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