जालंधर में आजादी के साथ ही हुआ था छोटा अली मोहल्ला में शिव मंदिर का निर्माण, दर्शनों के लिए आसपास के इलाकों से आते हैं श्रद्धालु

जालंधर के बाजार शेखां से सटे देश की आजादी से पहले बसे इलाके तेल वाली गली छोटा अली मोहल्ला में शिव मंदिर है। मंदिर का निर्माण देश की आजादी के साथ ही हुआ है। देश की आजादी के समय लोग जहां आए और पूजा अर्चना शुरू कर दी।

Vinay KumarWed, 28 Jul 2021 08:18 AM (IST)
जालंधर के छोटा अली में स्थित है शिव मंदिर।

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर के सबसे पुराने इलाके बाजार शेखां से सटे देश की आजादी से पहले बसे इलाके तेल वाली गली छोटा अली मोहल्ला में शिव मंदिर है। बस्ती अड्डा से इमाम नासिर से तेल वाली गली तथा ज्योति चौक से बाजार शेखा होते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से आटो रिक्शा और रिक्शा से आसानी से पहुंचा जा सकता है। जहां आसपास के इलाकों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं।

मंदिर का इतिहास

मंदिर का निर्माण देश की आजादी के साथ ही हुआ है। देश की आजादी के समय लोग जहां आए और पूजा अर्चना शुरू कर दी। इसके संस्थापक स्व. पं. जुगल किशोर दघीची थे। इसके बाद उनके बेटे पं. गिरधारी लाल दघीची देख रहे हैं। मंदिर का तेजी से विकास हो रहा है। इस मंदिर में धार्मिक समागम करवाएं जाते हैं।

तैयारियां

सावन माह को लेकर मंदिर में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। शिवालय के बाहर भांग, धतूरा, विल्प पत्र सहित पूजा का तमाम तरह का सामान उपलब्ध करवाया गया है। मंदिर की सजावट भी की गई है। सावन महीना तथा महाशिवरात्रि पर विभिन्न संस्थाओं की तरफ से इस मंदिर में पारंपरिक व्यंजनों का लंगर लगाया जाता है।

शिव भक्तों को बेहतर सेवाएं देने के लिए मंदिर में पूरी तरह से व्यवस्था की गई है। कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा दिए निर्देशों का पालन भी किया जाता है। आसपास के इलाकों से आने वाले लोग अनुशासन का पालन कर श्रद्धा से भगवान शिव की अराधना करते हैं।

- पं. गिरधारी लाल, मंदिर संचालक।

सावन महीने में आने वाले सोमवार को कई श्रद्धालु चार पहर की पूजा करते हैं। ऐसे में इन पवित्र दिनों में मंदिर के कपाट दिनभर खोले रखने की व्यवस्था की गई है। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा व्रत का अध्यापन करने के लिए भी मंदिर में पुख्ता प्रबंध है।

- प. ज्योति प्रकाश मिश्र।

सावन के माह में मानसून की फुहारें गर्मी से राहत देती हैं। इस माह में भगवान शिव की उपासना करने से तन व मन को शांति मिलती है। इसके साथ ही भगवान शिव की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं । इस महीने में होने वाले पौधारोपण के परिणाम बेहतर सामने आते हैं। बारिश की फुहार जहां लोगों को गर्मी के प्रकोप से निजात दिलाती है, वहीं धान की फसल के लिए भी वरदान है। धान की बिजाई करने के साथ ही इसे अधिक से अधिक पानी की जरूरत होती है, जो इस महीने में होने वाली बारिश पूरा करती है। शिवालय में जलाभिषेक करके इस माह में प्रभु की कृपा हासिल कर सकते हैं।

-रोहित जोशी, प्रधान, शिव सेना बाल ठाकरे, जालंधर।

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