जालंधर में कल से खुलेंगे सभी कक्षाओं के साथ स्कूल, क्लासरूम को सीटिंग अरेंजमेंट के साथ सैनिटाइज करना शुरू

बच्चों को स्कूल अभी भेजना अभिभावकों पर ज्यादा निर्भर करेगा। क्योंकि स्कूल तो खुल जाएंगे मगर बच्चों के स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को कंसेंट बेहद जरूरी होगी। उनके बिना स्कूलों में कक्षा में बैठाकर विद्यार्थी को पढ़ाया नहीं जा सकता है।

Vinay KumarSun, 01 Aug 2021 10:58 AM (IST)
जालंधर में दो अगस्त को स्कूल खुल जाएंगे इसी को लेकर स्कूल परिसर को सैनिटाइज करते हुए।

जागरण संवाददाता, जालंधर। राज्य भर के सभी सरकारी, प्राइवेट, सीबीएसई और आइसीएसई स्कूल कल से यानी कि दो अगस्त से खुलेंगे। सरकार और डीसी घनश्याम थोरी की तरफ से आदेश जारी करने के बाद स्कूलों की तरफ से बंद पड़ी कक्षाओं की साफ सफाई और सीटिंग अरेंजमेंट करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत स्कूल मुखी, शिक्षक और क्लास इंचार्ज छुट्टी वाले दिन भी स्कूल आकर बंदोबस्तों को देखते हुए नजर आए। उनकी तरफ से पूरे स्कूल परिसर में सफाई करवाने के बाद सैनिटाइजर स्प्रे करवाया गया। ताकि किसी प्रकार के

कुप्रबंध न दिखें और बच्चों सहित शिक्षक व स्टाफ भी सुरक्षित माहौल के बीच पहले की रूटीन कक्षाओं में लग सकें। यही नहीं छोटी कक्षाओं के वेलकम के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बच्चों को स्कूल अभी भेजना अभिभावकों पर ज्यादा निर्भर करेगा। क्योंकि स्कूल तो खुल जाएंगे, मगर बच्चों के स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को कंसेंट बेहद जरूरी होगी। उनके बिना स्कूलों में कक्षा में बैठाकर विद्यार्थी को पढ़ाया नहीं जा सकता है।

डीसी घनश्याम थोरी की तरफ से हिदायतें दी गई है कि स्कूल तो खुल रहे हैं, मगर सभी को कोविड-19 की हिदायतों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होगा। जिसे लेकर स्कूल प्रबंधकों को सारे प्रबंध भी सुनिश्चित करने होंगे, ताकि किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो। सभी को शिक्षा विभाग और सेहत विभाग की तरफ से जारी की गई हिदायतों का पालन करना अनिवार्य होगा। यही नहीं उनकी तरफ से कमिश्नरेट एरिया में पुलिस कमिश्नर और देहात के क्षेत्र में एसएसपी से अपील की है कि वे मास्क पहन कर आने, शारीरिक दूरी को ख्याल रखने आदि नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। ताकि किसी प्रकार के कुप्रबंध न हों।

आदेशों की पालन न करने वालों के विरुद्ध इंडियन पैनल कोड की धारा 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005, एपिडेमिक डिजास्टर एक्ट 1897 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रबंधों को सुचारू ढंग से चलाने और संक्रमण पर कंट्रोल करने के लिए हिदायतों का पालन करवाने में सख्ती रखी जाएगी और लोग भी इसमें अपना-अपना सहयोग डालें। सभी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे तभी हालातों पर काबू पाया जा सकता है।

एपीजे स्कूल महावीर मार्ग के प्रिंसिपल गिरिश कुमार का कहना है कि इस संबंध में इंटर्नल एपीजे स्कूल्स की मीटिंग बुलाई जा रही है और उसमें तय किया जाएगा। विद्यार्थियों के स्कूल आने के लिए अभिभावकों की कंसेंट मिलनी भी जरूरी है। दयानंद माडल स्कूल माडल टाउन के प्रिंसिपल विनोद कुमार का कहना है कि वे ट्राई करते हैं सभी कक्षाओं के साथ स्कूल ओपन करने की। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कितने अभिभावकों की तरफ से कंसेंट दी जाती है।

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