जालंधर में पिम्स में महिला की मौत के बाद स्वजनों ने किया हंगामा, अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप

जालंधर में पिम्स में विवादों के बादल छंट नहीं रहे हैं। बुधवार को भी पिम्स में महिला मरीज की मौत के बाद स्वजनों ने हंगामा किया। स्वजनों ने महिला के इलाज में लापरवाही और बिल में पैसे अधिक वसूलने के आरोप लगाए।

Vinay KumarThu, 24 Jun 2021 09:07 AM (IST)
जालंधर में पिम्स अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्वजनों ने हंगामा किया।

जालंधर, जेएनएन। जालंधर में पिम्स में विवादों के बादल छंट नहीं रहे हैं। अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही और स्टाफ का मरीजों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी पिम्स में महिला मरीज की मौत के बाद स्वजनों ने हंगामा किया। स्वजनों ने महिला के इलाज में लापरवाही और बिल में पैसे अधिक वसूलने के आरोप लगाए। वहीं ड्यूटी पर तैनात डाक्टर पर भी दुव्र्यवहार करने के आरोप लगाए। मृतका के पति राम लुभाया व दामाद संजय पाल ने बताया कि गांव फोलड़ीवाल में रहने वाली 53 साल की तरसेम कौर को सोमवार देर शाम सांस की तकलीफ होने के बाद पिम्स में भर्ती करवाया था। भर्ती करवाने से पहले पिम्स के स्टाफ पर टालमटोल करने के आरोप लगाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने तीस हजार रुपये जमा करवाने के बाद दाखिल करने की बात कही और फाइल फेंक दी थी। स्वजनों ने दस हजार रुपये जमा करवा मरीज को भर्ती करवाया। डाक्टरों ने उसे आइसीयू में रखा। उनका कहना था कि मंगलवार शाम को डाक्टरों ने महिला की तबीयत में सुधार होने की बात कही। इसके बाद अचानक तबीयत खराब होने का संदेश आया और मरीज को वेंटीलेटर पर रख दिया गया। इसके लिए एक दिन का 16 हजार रुपये खर्च होने की बात कही थी। बुधवार को सुबह महिला की मौत की बात बताई गई। उनका कहना था कि डाक्टरों ने मरीज के किसी भी रिश्तेदार को आइसीयू में नहीं जाने दिया। स्वजनों ने कहा कि अस्पताल ने करीब 49 हजार रुपये का बिल बनाया था और 35 हजार के करीब बकाया निकाला था। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर करीब 16 हजार रुपये बेवजह डालने के आरोप लगाए। उन्होंने मौके पर गांव के लोग बुला लिए थे। इसके बाद उन्होंने पिम्स में हंगामा किया। उन्होंने दावा किया कि हंगामा के बाद प्रबंधन ने फालतू पैसे बिल में से कम किए।

आरोप निराधार, अस्पताल स्टाफ के रवैये की होगी जांच : अमित सिंह

पिम्स के रेजीडेंट डायरेक्टर अमित सिंह ने आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि पिम्स में बिलिंग कंप्यूटर से होती है। पिम्स में सरकार की ओर से इलाज के निर्धारित रेट ही वसूले जाते हैं, इसलिए ज्यादा पैसे नहीं वसूले जा सकते हैं। मृतक के स्वजनों के हालात को देखते हुए बिल में कटौती कर दी गई थी। उन्होंने अस्पताल स्टाफ के रवैये के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करवाने की बात कही है।

 

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.