खाने में हो रही बड़ी मिलावट, खाद्य पदार्थों के 347 में से 130 सैंपल फेल, 6.21 लाख जुर्माना

जागरण संवाददाता, जालंधर : मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत जिला प्रशासन ने 130 खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होने पर 6.21 लाख रुपये जुर्माना किया है। सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार बग्गा ने बताया कि मिशन तंदुरुस्त पंजाब के तहत सेहत विभाग ने जिले के अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के 347 सैंपल भरे थे। इसमें पिछले पांच माह के दौरान भरे गए सैंपलों में से 130 सैंपल (37 फीसद) फेल पाए गए हैं। अधिकतर खाद्य पदार्थों में दूध और दूग्ध उत्पाद, बेकरी उत्पाद, करियाना शामिल हैं। सैंपल जांच के लिए स्टेट फूड लैब खरड़ भेजे गए थे।
 

डीसी वरिंदर शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन जिले में मिलावटी खाने वाली वस्तुओं की बिक्री रोकने के लिए पूरी सख्ती कर रहा है। डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सैंपल असुरक्षित होने पर हो सकती है उम्रकैद

डीसी ने बताया कि लोगों के लिए सुरक्षित और तंदुरुस्त उत्पादों को विश्वसनीय बनाने के लिए फूड बिजनेस ऑपरेटरों से सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट की उल्लंघन करने वालों पर एडीसी 5 लाख तक का जुर्माना लगा सकता है। अदालत में सैंपल असुरक्षित पाए जाने पर दोषी को उम्र कैद की सजा भी सुनाई जा सकती है।
 

इन्हें हुआ भारी जुर्माना

सांझा चूल्हा : पनीर का सैंपल फेल होने पर एक लाख रुपये जुर्माना।
यम्मी बाइट : पनीर और नमक का सैंपल होने पर 50 हजार रुपये जुर्माना।
सुपर क्वालिटी स्टोर : नमकीन, फ्लेवर्ड तंबाकू का सैंपल फेल होने 75 हजार रुपये जुर्माना।
टोहाना की नमकीन तैयार करने वाली कंपनी को नमकीन मिस ब्रैंड पाए जाने पर 1 लाख रुपये जुर्माना।

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