जालंधर में शिक्षा मंत्री परगट सिंह से मिले नान टीचिंग कर्मचारी, ग्रेड पे और महंगाई भत्ता से जुड़ी समस्याएं उठाई

प्राइवेट कालेज नान टीचिंग कर्मचारी यूनियन के सदस्यों न शिक्षा मंत्री परगट सिंह से मुलाकात करके उनके सामने अपनी मांगें रखी हैं। उनकी मांगों में संशोधित ग्रेड पे संशोधित हाउस रेंट संशोधित मंहगाई भत्ता स्टेप अप इंक्रीमेंट कांट्रेक्ट पूरा होने वाले कर्मचारियों को रेगुलर करना आदि शामिल हैं।

Pankaj DwivediTue, 19 Oct 2021 02:56 PM (IST)
शिक्षा मंत्री परगट सिंह से मिलते हुए प्राइवेट कालेज नान टीचिंग एंप्लाई यूनियन के सदस्य। जागरण

जागरण संवाददाता, जालंधर। प्राइवेट कालेज नान टीचिंग कर्मचारी यूनियन पंजाब एडिड व अनएडिड के एक प्रतिनिधिमंडल ने महासचिव जगदीप सिंह के नेतृत्व में शिक्षा और खेल मंत्री परगट सिंह से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षा मंत्री परगट सिंह और शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार को यूनियन की मांगों के बारे में अवगत करवाते हुए उन पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने उनके सामने वेतन और महंगाई भत्ता आदि संबंध मांगें रखी। 

यूनियन सदस्यों ने मांग है कि उनकी मांगों में संशोधित ग्रेड पे, संशोधित हाउस रेंट, संशोधित मंहगाई भत्ता, स्टेप अप इंक्रीमेंट, कांट्रेक्ट पूरा होने वाले कर्मचारियों को रेगुलर करना आदि शामिल हैं। जगदीप सिंह ने सरकार से यह भी अपील की कि नए पे-स्केल की सिफारिशों को सरकारी कर्मचारियों के साथ ही एडिड कालेजों के नान-टीचिंग स्टाफ पर भी लागू किया जाए क्योंकि लंबे समय से स्टाफ अपने हक के लिए लड़ता आ रहा है और सरकार की नीतियों को उनमें भी बेहद रोष है। ऐसे में उनकी मांगों पर गौर किया जाना चाहिए।

शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने यूनियन की मांगें ध्यानपूर्वक सुनी और प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को पहल के आधार पर हल करेंगे ताकि नान-टीचिंग कर्मचारियों में पाए जाने वाले रोष को खत्म किया जा सके और पंजाब में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाया जा सके। इस प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के शमशेर सिंह, खालसा कालेज पटियाला, अमरीक सिंह, पब्लिक कालेज समाना, हरिंदर सिंह माता गुजरी कालेज फतेहगढ़ साहिब, हरजिंदर सिंह आरएसडी कालेज फिरोजपुर, सुरेश कुमार गुरु नानक खालसा कालेज, लुधियाना शामिल थे।

एसएसए मिड-डे मील आफिस कर्मियों ने उठाई स्थायी करने की मांग

जासं, जालंधर। सर्व शिक्षा अभियान मिड-डे मील दफ्तरी मुलाजिमों ने विधायक सुशील रिंकू को अपनी समस्याएं सुनाते हुए मांगपत्र सौंपा। मुलाजिमों ने कहा कि वित्त मंत्री की तरफ से शिक्षा विभाग के दफ्तरी मुलाजिों को रेगुलर करने संबंधी 16 दिसंबर, 2019 को मंजूरी दी गई है। इसके बावजूद सरकार केवल विचार करने के बहाने बना रही है। कर्मचारियों ने नए सीएम आफिस के अधिकारियों, शिक्षा मंत्री के साथ मीटिंग करने के बाद विधायकों के जरिये सरकार तक अपनी मांगों को ठोस तरीके से रखने का फैसला लिया। इसी के तहत जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सुशील रिंकू को मांगपत्र सौंपा। 

प्रतिनिधिमंडल में शोभित भगत, आशीष जुलाहा, गगन सियाल ने कहा कि मंत्री रहते हुए चरणजीत सिंह चन्नी की तरफ से कई बार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने की बात कही गई मगर अब तो सारी पावर उनके पास है। अगर मुख्यमंत्री चन्नी नौजवानों और कच्चे मुलाजिमों के लिए चिंतित हैं तो उनके मुद्दे जल्द हल करें। उलटा वे भी पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरह बयान देकर चुप करके बैठ गए हैं। वे कहते हैं कि मुलाजिमों के वेतन से चार-चार हजार रुपये की कटौती की जा रही है और उनकी अस्थायी तौर पर डयूटी दूसरों जिलों में लगाई जा रही है। इस मौके पर उनके साथ शालू, तरनवीर कौर आदि मौजूद थे।

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