बड़ी लापरवाहीः नांदेड़ वाली गलती फिर दोहराई, बाहर से आए लोगों को बिना कोरोना टेस्ट घर भेजा

बड़ी लापरवाहीः नांदेड़ वाली गलती फिर दोहराई, बाहर से आए लोगों को बिना कोरोना टेस्ट घर भेजा
Publish Date:Mon, 25 May 2020 04:24 PM (IST) Author: Pankaj Dwivedi

जालंधर, जेएनएन। नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं को सीधे घर भेजने की जो गलती की गई थी, उसे ही अब दूसरे राज्यों से जालंधर लौट रहे लोगों में दोहराया जा रहा है। इनमें से ज्यादातर का अनिवार्य कोरोना टेस्ट नहीं किया गया। सिर्फ अंडरटेकिंग लेकर उन्हें घर भेजा जा रहा है। जिले में पिछले तेरह दिनों में दूसरे राज्यों से 1926 लोग लौटे हैं। इनको शंभू बॉर्डर पर होम क्वारंटाइन की अंडरटेकिंग लेकर घर भेजा जा चुका है। उन्हें चौदह दिन घर में रहना होगा। सेहत विभाग उनके घर के बाहर होम क्वारंटाइन का स्टीकर जरूर लगा देता है लेकिन उस पर हर वक्त नजर रखने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। प्रशासन की तरफ से तैयार सूची से इसका पता चला है।

हालांकि अधिकारी इस संबंध में केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइंस का हवाला दे रहे हैं। सीधे तौर पर प्रशासनिक स्तर पर इसमें कोई खामी नहीं कही जा सकती लेकिन अगर इनमें कोई कोरोना पॉजीटिव हुआ और वह शहर में घूमता रहा तो इससे शहर की स्थिति खतरनाक हो सकती है। स्पष्ट है कि अगर सरकार की गाइडलाइंस में यही है और इसी तरह प्रशासन ने आगे कदम उठाना है तो लोगों को खुद ही बचना होगा। बाहर निकलते वक्त मास्क लगाना होगा। किसी भी दूसरे व्यक्ति से शारीरिक दूरी बनाकर रखनी होगी।

इसके अलावा साबुन से हाथ धोने या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। बाहर से आए हैं तो फिर घर में जाकर कपड़े धोने व नहाना होगा, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। अहम बात यह है कि ये लोग किसी एक मोहल्ले या गांव के नहीं हैं बल्कि पूरे जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के लोग शामिल हैं।

होम क्वारंटाइन तोड़ा तो 500 जुर्माना

हालांकि अब होम क्वारंटाइन तोडऩे वालों के लिए जुर्माना का भी प्रावधान किया जा चुका है। ऐसे लोगों पर 500 रुपये का जुर्माना होगा। इसके लिए प्रशासन ने हाल ही में सिविल डिफेंस वार्डनों की भी सेवाएं ली थीं जबकि पुलिस की तरफ से भी सर्विलांस टीम बनाई गई है। जो लगातार उन इलाकों में घूमकर जांच करती है कि जिसके घर में होम क्वारंटाइन का स्टिकर लगा हो, वो व्यक्ति बाहर तो नहीं घूम रहा।

बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की मेडिकल स्क्रीनिंग की जाती है। हमें सरकार की गाइडलाइंस आई हैं कि जिन लोगों में कोरोना का कोई लक्षण नहीं है, उन्हें होम क्वारंटाइन किया जाए। उसी के आधार पर उन्हें भेजा जा रहा है।

-जसबीर सिंह, एडीसी (जनरल)

कब कितने लोग आए

10 मई - 16

11 मई - 22

12 मई - 36

13 मई - 11

15 मई - 16

16 मई - 51

17 मई - 29

18 मई - 29

19 मई - 42

20 मई - 27

21 मई - 20

22 मई - 25

23 मई - 18

 

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