पंजाब की रहने वाली आईपीएस अफसर की प्रधानमंत्री मोदी ने की जमकर तारीफ, जानें क्या है पूरी बात

सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकैडमी में आईपीएस ऑफिसर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूबरू हुए थे। इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर निवासी आईपीएस ऑफिसर डॉक्टर नवजोत सिमी से बातचीत की थी। पीएम ने पूछा था देश के दुश्मनों के दांत खट्टे करने का रास्ता आपने क्यों चुना।

Pankaj DwivediWed, 04 Aug 2021 02:58 PM (IST)
गुरदासपुर के गांव पक्खोवाल कुल्लियां की डा. नवजोत सिमी आईपीएस अफसर हैं। जागरण

जागरण संवाददाता,गुरदासपुर। गांव पक्खोवाल कुल्लियां की आईपीएस बेटी डॉ. नवजोत सिमी के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुरीद बन गए हैं। पिछले दिनों हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल पुलिस अकेडमी में आईपीएस नवजोत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूबरू हुए थे। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आपने तो दांत दर्द से राहत देने के लिए लोगों की सर्जरी करने का जिम्मा उठाया था, ऐसे में देश के दुश्मनों के दांत खट्टे करने का रास्ता क्यों चुना। मुस्कुराते हुए नवजोत सिमी ने कहा कि सिविल सर्विसेज ने मेरा झुकाव पहले से ही था । डॉक्टर और पुलिस का काम भी लोगों की पीड़ा दूर करना होता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि सिविल सर्विसेज के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान में अपना योगदान दे सकती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपने पुलिस फोर्स ज्वाइन की है। यह बात देश की बेटियों को प्रेरित करेगी। 

आईपीएस नवजोत सिम्मी के पिता हंस राज व माता बलबीर कौर ने बताया कि उनका पैतृक गांव पक्खोवाल कुल्लियां गुरदासपुर है जबकि अब वह गुरदासपुर शहर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि सिम्मी को इससे पहले एक्साइज विभाग में बतौर ईटीओ नौकरी मिली थी। 8-10 माह नौकरी करने के बाद ही उसने आईपीएस की परीक्षा भी पास कर ली थी। 30 अप्रैल, 2018 को वह बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे मगर उससे दो दिन पहले 28 अप्रैल, 2018 को उनकी बेटी आईपीएस बन गई थी। 

पति तुषार आईएएस अफसर

आईपीएस नवजोत का जन्म 21 दिसंबर 1987 को हुआ था। नवजोत बिहार काडर की 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी है। वर्ष 2016 में इन्होंने पंजाब सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी थी। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली थी। 735वीं रैंक हासिल करते हुए नवजोत आईपीएस बनी थी। नवजोत के पति तुषार सिंगला पश्चिम बंगाल काडर आईएएस ऑफिसर हैं।

नवजोत ने अपना अनुभव सांझा करते हुए बताया कि पुलिस ट्रेनिंग के दौरान राजगढ़ में उन्हें महिला कांस्टेबलों के साथ बातचीत करने का मौका मिला तो उनकी मोटिवेशन जानकर बहुत खुशी हुई कि वह आगे भी पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती हैं। वह फील्ड में जाकर कुछ करना चाहती हैं ताकि महिलाओं की एजुकेशन में कोई कमी ना आ सके।

पिता ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

पिता हंसराज ने बताया कि वह बैंक से रिटायर मैनेजर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उनकी बेटी से बात करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नवजोत ने अपनी प्राइमरी शिक्षा गांव पक्खोवाल कुल्लियां के ही सरकारी स्कूल से हासिल की है। गुरदासपुर के एक निजी स्कूल से दसवीं पास करने के बाद सरकारी कॉलेज से बाहरवीं की। पीएमटी का टेस्ट उत्तीर्ण कर लुधियाना से बीडीएस की। लेकिन मेडिकल फील्ड में जाने के बजाय दिल्ली जाकर 2 वर्ष यूपीएससी की तैयारी की। 

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