करतारपुर में पावरकाम के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरना, पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी

पावरकाम मंडल के संपूर्ण स्टाफ ने डिवीजन नंबर एक के आगे सुरजीत सिंह वालिया की अगुआई में गेट के बाहर धरना दिया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर पावरकाम की मैनेजमेंट और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Pankaj DwivediPublish:Mon, 15 Nov 2021 03:04 PM (IST) Updated:Mon, 15 Nov 2021 03:04 PM (IST)
करतारपुर में पावरकाम के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरना, पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी
करतारपुर में पावरकाम के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरना, पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी

संवाद सहयोगी, करतारपुर। सोमवार को ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर पावरकाम मंडल के संपूर्ण स्टाफ ने डिवीजन नंबर एक के आगे सुरजीत सिंह वालिया की अगुआई में गेट के बाहर धरना दिया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर पावरकाम की मैनेजमेंट और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुरजीत सिंह वालिया ने बताया कि उनकी मांग है कि पे बैंड में बढ़ोतरी तथा पे कमीशन जारी किया जाए। इसके उपरांत सभी कर्मचारी 2 दिन की सामूहिक कैजुअल छुट्टी पर चले गए।

उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द न मानी गई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर सुरजीत सिंह वालिया, मनजिंदर सिंह एएई, हरविंदर सिंह बेदी आई ए, वरिंदर कुमार अकाउंटेंट ,रतन लाल जेई, मनिंदर सिंह, विवेक कुमार विरदी, बिक्रमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, उपिंदरजीत कौर आर ए, शैली, बलजीत सिंह जेई आदि मौजूद थे।

सरपंच यूनियन के सदस्यों ने सीएम चन्नी से की मुलाकात

संवाद सूत्र, भोगपुर। मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के आदमपुर पहुंचने पर पांच सदस्यीय शिष्टमंडल प्रधान सरपंच ग्राम पंचायत यूनियन पंजाब जसप्रीत सिंह जैपा, जीओजी चरनजीत सिंह डल्ला की अगुआई में मिला। जैपा ने बताया कि मांगपत्र में सरपंचों की तीन मांगें रखी हैं। इनमें पिछले 34 महीनों का मान भत्ता, जो अभी तक नहीं मिला, को जारी करवाने तथा मानभत्ता बढ़ाकर 10 हजार करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही गांवों के सरपंचों का सेहत बीमा करने, सरपंचों का टोल प्लाजा व बस का किराया फ्री करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चन्नी ने आश्वासन दिया है कि वे सरपंचों की मांगें जरूर पूरी करेंगे।

मुलाकात के दौरान भोगपुर ब्लाक के गांव डल्ला, भट्टीयां, चक्क झंडू, रोहजड़ी, कोहजा, जंडीर, टांडी, मोकल, बहिराम सरिश्ता, भट्टीयां, भूंदीयां, सनौरा, बड़चूही, सोलपुर, पतियाल, चौलांग, खरलां, आलमगीर, शकरपुर, चरड़, कोटला, दारापुर के सरपंच मौजूद थे।

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