जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने हिन्दू नेताओं के साथ की बैठक, पंजाब के हालातों पर चर्चा की

पुलिस कमिश्नरेट जालंधर के पुलिस अधिकारियों ने आज शिव सेना नेता और हिन्दू नेताओं के साथ बैठक कर पंजाब के हालातों पर विचार किया। पंजाब में शिव सेना भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरआरएस) के नेताओं पर आंतकी हमले की इनपुट मिलने पर उन्हें सचेत रहने को कहा।

Vinay KumarPublish:Sun, 28 Nov 2021 12:27 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 12:27 PM (IST)
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने हिन्दू नेताओं के साथ की बैठक, पंजाब के हालातों पर चर्चा की
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने हिन्दू नेताओं के साथ की बैठक, पंजाब के हालातों पर चर्चा की

जेएनएन, जालंधर। पंजाब में शिव सेना, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरआरएस) के नेताओं पर आंतकी हमले की इनपुट मिलने पर पुलिस कमिश्नरेट जालंधर के पुलिस अधिकारियों ने आज शिव सेना नेता और हिन्दू नेताओं के साथ बैठक कर पंजाब के हालातों पर विचार करते हुए सभी हिन्दू नेताओं को सचेत रहने को कहा है। यह बैठक डीसीपी हेडक्वाटर, एसीपी हेडक्वाटर जालंधर ने की है। बैठक में शिव सेना राष्ट्रहित के प्रमुख सुभाष गोरिया, हिंद क्रांति दल के प्रमुख मनोज नना, शिव सेना बाल ठाकरे के जिला प्रमुख रोहित जोशी, पंजाब सचिव शिव सेना बाल ठाकरे आशीष अरोड़ा, शिव सेना समाजवादी के पंजाब चेयरमैन नरिंदर थापर, कुणाल कोहली, दीपक शर्मा, दिनेश भगर शिव सेना राष्ट्रहित के उप प्रमुख, यूथ उप प्रमुख शिव सेना राष्ट्रहित राजीव वर्मा, शिव सेना बाल ठाकरे के जिला प्रभारी राजू ठाकुर, विनोद जोशी, पंजाब सचिव शिव सेना बाल ठाकरे दिनेश कपूर आदि भी मैजूद थे।

बैठक में शिव सेना बाल ठाकरे के जिला प्रमुख रोहित जोशी ने पुलिस द्वारा अचानक सुरक्षा वापस ले जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब का माहौल खराब हो रहा है और हिंदू नेता टारगेट होने के बावजूद भी उनको सुरक्षा देने की बजाए उनकी सुरक्षा वापस ली जा रही है। गत दिन पहले खुफिया सूत्रों के अनुसार खालिस्तानी कट्टरपंथियो समेत अन्य आंतकी संगठन पंजाब में शिव सेना, भाजपा और संघ के नेताओं को निशाना बना सकते हैं। इस इनपुट के बाद पंजाब पुलिस ने राज्य भर में सतकर्ता बढ़ा दी है। खुफिया और पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार यह जानकारी भी सामने आई है कि पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी राज्य के माहौल को खराब किया जा सकता है।

सरहद पार से आने वाले ड्रोन की कहानियां भी इसी षड्यंत्र की तरफ इशारा कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस अलर्ट के बाद आरएसएस की शाखाओं में सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है। खतरे को देखते हुए कुछ हिन्दू नेताओं की निजी सुरक्षा में भी वृद्धि की गई है। हालांकि राज्य में हिन्दू नेताओं पर पहले हुए हमलों को देखते हुए उनकी सुरक्षा पहले भी कड़ी थी।