जालंधर में लालपुर खालसा कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे पीसीसीटीयू के शिक्षक, 7वां पे कमीशन लागू करने की मांग

जालंधर में पंजाब चंडीगढ़ कॉलेज टीचर यूनियन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर किया। आरोप है कि सरकार निरंतर शिक्षक वर्ग को नजरअंदाज करती आ रही है। जब वे संघर्ष करते हैं तो केवल आश्वासनों की लड़ी तो लगा देते हैं मगर करते कुछ नहीं।

Vinay KumarPublish:Wed, 01 Dec 2021 01:01 PM (IST) Updated:Wed, 01 Dec 2021 01:01 PM (IST)
जालंधर में लालपुर खालसा कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे पीसीसीटीयू के शिक्षक, 7वां पे कमीशन लागू करने की मांग
जालंधर में लालपुर खालसा कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे पीसीसीटीयू के शिक्षक, 7वां पे कमीशन लागू करने की मांग

जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब चंडीगढ़ कॉलेज टीचर यूनियन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर किया। शिक्षकों का यह प्रदर्शन लायलपुर खालसा कॉलेज गेट के बाहर हुआ। उनका आरोप यही है कि सरकार निरंतर शिक्षक वर्ग को नजरअंदाज करती आ रही है और जब वे संघर्ष करते हैं तो केवल अपने आश्वासनों की लड़ी तो लगा देते हैं मगर करते कुछ नहीं। अब चन्नी सरकार भी अभी तक केवल आश्वासन के सिवाय कुछ भी शिक्षक वर्ग के लिए कर नहीं पाई है जिसके नतीजे में केवल शिक्षक वर्ग ही पिस्ता आ रहा है। मगर अब वे पीछे हटने को तैयार नहीं है वह भी हर रूप से संघर्ष करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं और जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता उनका संघर्ष भी जारी रहेगा फिर चाहे उन्हें सड़कों पर बैठकर रात तक क्यों ना गुजार नहीं बड़े या रैलियां निकालनी क्यों ना पड़े उसके लिए भी तैयार हैं।

एक शिक्षक 35 से 40 साल तक अपनी सेवाएं देने के बावजूद पेंशन लाभ से वंचित रह रहा है वहीं दूसरी तरफ 5 सालों तक केवल विधायकी करने वाले अपने चहेतों को सरकार उम्र भर के लिए टेंशन दे रही है। जब 5 साल काम करने वालों को पेंशन का लाभ दिया जा सकता है तो शिक्षक जो युवाओं को नहीं सीख वह देश के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने के लिए शिक्षा दे रहे हैं तो उन्हें पेंशन का लाभ क्यों नहीं दिया जा सकता। अभी भी सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो इसके परिणाम भुगतने के लिए भी उन्हें तैयार रहना होगा। क्योंकि सातवां पे कमीशन पूरे देश भर में लागू हो चुका है तो फिर पंजाब के शिक्षकों को क्यों इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है।