Petrol-Deisel Price : 18 महीने में 40 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल, जालंधर में तालाबंदी की कगार पर पहुंचे पेट्रोलियम डीलर

जालंधर में पेट्रोल की कीमतों में हुई वृद्धि से पेट्रोलियम डीलर तालाबंदी की कगार पर पहुंच गए हैं। बीते वर्षों की कीमतों पर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष 2008 से लेकर 2020 तक 12 वर्ष की अवधि में पेट्रोल की कीमतों में मात्र 20 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई।

Vinay KumarMon, 25 Oct 2021 04:03 PM (IST)
Petrol-Deisel Price जालंधर मे पेट्रोलियम डीलर तालाबंदी की कगार पर पहुंच गए हैं।

जालंधर [मनुपाल शर्मा]। Petrol-Deisel Price  पेट्रोल उपभोक्ताओं एवं पेट्रोलियम डीलर्स के लिए बीते 18 महीने की अवधि वज्रपात साबित हुई है। 18 महीने की अवधि में ही महानगर जालंधर में पेट्रोल की कीमत में 40 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो गया है। 1 मई 2020 को जालंधर में पेट्रोल की कीमत 69. 65 रुपये प्रति लीटर थी, जो अक्टूबर 2021 में 109.67 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंची है। पेट्रोल की कीमतों में हुई अंधाधुंध वृद्धि से उपभोक्ता तो किसी तरह से अपने वाहन की टंकी को पेट्रोल की घूंट पिला रहे हैं, लेकिन पेट्रोलियम डीलर्स तालाबंदी की कगार तक जा पहुंचे हैं।

हालांकि अगर महानगर में पेट्रोल की बीते वर्षों की कीमतों के ऊपर नजर दौड़ाई जाए तो वर्ष 2008 से लेकर 2020 तक 12 वर्ष की अवधि में पेट्रोल की कीमतों में मात्र 20 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई। वर्ष 2008 में महानगर में पेट्रोल की कीमत 49. 57 रुपये प्रति लीटर थी। जो मई 2020 में 69.65 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच पाई थी। पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से कम हुई बिक्री के चलते अपना पेट्रोल पंप बंद कर देने वाले पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन पंजाब पीपीडीकेपी के प्रवक्ता मोंटी कुर्मी साइकिल ने कहा कि मात्र 18 महीने में पेट्रोल की कीमत में ₹40 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई लेकिन पेट्रोलियम डीलर्स का बीते 4 वर्षों से डीलर मार्जन नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को लगता है कि पेट्रोलियम डीलर खासा मुनाफा कमा रहे हैं लेकिन असलियत यह है कि पेट्रोलियम डीलर को 1 लीटर पेट्रोल की बिक्री के ऊपर मात्र ₹3 डीलर मार्जन मिलता है और उसी में से ही स्टाफ का वेतन दिया जाता है बिल दिए जाते हैं और पेट्रोल पंप के अन्य सारे खर्च चलाए जाते हैं। 

मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल की आग लगाती कीमतों की वजह से ही पेट्रोलियम डीलर्स की बिक्री कम हो गई है। चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू आदि जाने वाले वाहन मात्र वहां पहुंचने तक का तेल लेते हैं और वापसी से वहां पर टंकी फुल करवा कर लाते हैं। लॉकडाउन से लेकर अब तक 30 फीसद बिक्री में गिरावट आ चुकी है, जिस वजह से अब पेट्रोल पंपों का संचालन कर पाना संभव नहीं रहा है।

इस तरह तेजी से बढ़े पेट्रोल के रेट

जालंधर में 28 सितंबर को पेट्रोल का रेट 102, 45 एवं डीजल का रेट 91.62 प्रति लीटर था। 3 अक्टूबर को पेट्रोल 103. 41 और डीजल 92.83 प्रति लीटर पर जा पहुंचा। 5 अक्टूबर को फिर से इजाफा हुआ और पेट्रोल 24 पैसे एवं डीजल 35 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। 5 अक्टूबर को पेट्रोल की कीमत 103.65 एवं डीजल की कीमत 93.13 रुपये प्रति लीटर थी। 6 अक्टूबर को पेट्रोल एवं डीजल प्रति लीटर था। कीमतों में बढ़ोतरी 8 अक्टूबर को भी नहीं रुकी और पेट्रोल 104.53 एवं डीजल 94.19 रुपए प्रति लीटर पर जा पहुंचा। 9 अक्टूबर को पेट्रोल की कीमत 104.82 और डीजल 94.52 रुपए प्रति लीटर की दर पर बिक रहा था।

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