जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को स्टेट कमिशन का झटका, 13 मामलों में नौ फीसद ब्याज देने के आदेश

डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम के मुआवजे के साथ 6 फीसद ब्याज के फैसले पर आई याचिका की सुनवाई करते हुए स्टेट कमीशन ने कहा कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट याचिकाकर्ताओं को 9 फीसद ब्याज दे। बीबी भानी कांप्लेक्स स्कीम के 13 फ्लैट होलडर ने फ्लैट वापस करके मूल राशि और मुआवजा मांगा था।

Vinay KumarWed, 22 Sep 2021 01:38 PM (IST)
स्टेट कमिशन ने जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को बड़ा झटका दिया है।

जागरण संवाददाता, जालंधर। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट जालंधर को बीबी भानी कंपलेक्स फ्लैट्स के मामले में स्टेट कंजूमर कमीशन से बड़ा झटका लगा है। डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम के मुआवजे के साथ 6 फीसद ब्याज के फैसले पर आई याचिका की सुनवाई करते हुए स्टेट कमीशन ने आदेश दिया है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट याचिकाकर्ताओं को 9 फीसद ब्याज दे। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की बीबी भानी कांप्लेक्स स्कीम के 13 फ्लैट होलडर ने फ्लैट वापस करके अपनी मूल राशि और मुआवजा मांगा था।

डिस्ट्रिक्ट फोरम ने मूल राशि के साथ 6 फीसद ब्याज देने के लिए कहा था लेकिन इसके खिलाफ सभी 13 फ्लैट होल्डर स्टेट कमिशन में चले गए थे। अब नए आदेशों के तहत फ्लैट होल्डर्स को मूल राशि के साथ 9 फीसद ब्याज 30 हजार रुपए मुआवजा और 5 हजार रुपए लीगल फीस देने के आदेश जारी हुए हैं। बीबी भानी कांप्लेक्स के तहत बनाए गए फ्लैट्स होल्डर्स सुविधाएं न मिलने के कारण अपने फ्लैट वापस लौटा रहे हैं और कोर्ट के माध्यम से पैसे वापस मांग रहे हैं। इन मामलों में 13 लोगों को 1.70 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पिछले 2 साल में करीब 80 करोड़ मुआवजा दे चुका है।

बीबी भानी कांप्लेक्स को लेकर फ्लैट होल्डर्स का यह आरोप रहा है कि जो सुविधाएं देने का वादा किया गया था उस पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट खरा नहीं उतरा है। इस वजह से यह स्कीम फेल हो गई है और लोग यहां नहीं रह रहे। इस वजह से 150 से ज्यादा लोगों ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पर केस किया हुआ है। कई केसों में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को मुआवजा और मूल राशि लौटाने की पड़ी है। बीबी भानी कांप्लेक्स वेलफेयर सोसायटी के प्रधान दर्शन सिंह आहूजा का कहना है कि कुछ मामलों में 12 फीसद ब्याज की मांग को लेकर नेशनल कंज्यूमर कमीशन में याचिका दायर करेंगे। बीबी भानी कांप्लेक्स करीब 10 साल पहले बनाया गया था लेकिन क्वालिटी वर्क ना होने के कारण लोगों ने यहां रहने से इंकार कर दिया और केस दर्ज करके अपने पैसे वापस मांगे थे। 

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