नर्से हड़ताल पर..नर्सिंग छात्राओं के हाथ में हिचकौले खाती रही सेहत सुविधाएं

।अस्पताल प्रशासन ने नर्सों की हड़ताल को लेकर सेहत सुविधाएं सही ढंग से न मुहैया करवाने पाने के मामले को लेकर खेद जताने के लिए पहले अस्पताल में पोस्टर लगवा दिए।

JagranWed, 08 Dec 2021 02:15 AM (IST)
नर्से हड़ताल पर..नर्सिंग छात्राओं के हाथ में हिचकौले खाती रही सेहत सुविधाएं

जागरण संवादादाता, जालंधर : मोहताब नगर में रहने वाले नन्हे भाई को मंगलवार सुबह अधरंग का अटैक हुआ। पत्नी व बेटा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां नर्सें हड़ताल कर सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर नारेबाजी कर रही थी। मरीज को देखकर एक भी नर्स नहीं उठी। वार्ड में मौके पर तैनात डाक्टर के आदेश के बाद नर्सिंग छात्राओं ने ब्लड प्रेशर और ईसीजी की। ईसीजी को लेकर छात्राएं एक दूसरे को दिखाने लगी, उन्हें समझ नहीं आया तो वे डाक्टर के पास पहुंची। इतने में मरीज उलटियां करने लगा और किसी ने सुधबुध नहीं ली। नर्सिंग छात्राओं ने हकीकत में पहली बाद अधरंग का मरीज देखा था। मजबूरन उसे अमृतसर रेफर करना पड़ा। इसी तरह एक महिला मरीज भी गंभीर हालत में आई और उसे ग्लूकोज लगाने के लिए नर्सिंग छात्राओं ने आठ दस बार ट्राई किया जिससे मरीज की बाजु में सोजिश भी आ गई। इस तरह नर्सिंग छात्राओं के हाथों में सरकारी सेहत सुविधाएं पूरा दिन हिचकौलै खाती रही क्योंकि सिविल अस्पताल की सभी नर्से हड़ताल पर बैठी थी। शाम छह बजे तक सात गंभीर मरीजों को सरकारी मेडिकल कालेज अमृतसर रेफर किया गया क्योंकि यहां उनकी देखभाल करने के लिए कोई प्रशिक्षित स्टाफ नहीं था।अस्पताल प्रशासन ने नर्सों की हड़ताल को लेकर सेहत सुविधाएं सही ढंग से न मुहैया करवाने पाने के मामले को लेकर खेद जताने के लिए पहले अस्पताल में पोस्टर लगवा दिए। पटरी से उतरीं स्वास्थ्य सेवाएं..जिम्मेवार कौन

-नर्सों की हड़ताल के चलते वार्डों में सन्नाटा छाया रहा।

-48 मरीजों को मंगलवार को छुट्टी की गई। सोमवार को भी 50 मरीजों को भेजा गया था घर

-प्रसव करवाने के लिए आए लोगों को भी पिम्स में रेफर किया गया।

-ईएसआइ अस्पताल में भी वार्ड में दाखिल मरीजों को छुट्टी कर दी गई।

-शनिवार को पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुई गुरप्रीत कौर व चरणजीत कौर को भी छुट्टी कर दी गई। दोनों की तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हुई थी। वे काफी देर दर्द से कराहती हुई अस्पताल की कैंटीन के पास बैठी रही।

-------------------------------------------------------------- एनएचएम मुलाजिमों ने भी नहीं किया काम, वैक्सीनेशन व देहात के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर खाली दिखे

एनएचएम के बैनर तले तैनात मुलाजिमों ने पहले सिविल सर्जन आफिस में रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने जन प्रतिनिधियों के ज्ञापन दिए। उन्होंने विधान सभा सेंट्रल से अकाली दल के उम्मीदवार चंदन ग्रेवाल को भी ज्ञापन सौंपा। डा. प्रियंका भंडारी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया है। उनकी हड़ताल की वजह से कोरोना वैक्सीनेशन का काम प्रभावित रहा। देहात के कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों में भी इलाज नहीं हुआ।

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डीएनबी विद्यार्थियों भी अड़े रहे, नहीं लौटे काम पर, इमरजेंसी सेवा प्रभावित

सिविल अस्पताल में डीएनबी (डिप्लोमट आफ नेशनल बोर्ड) कर रहे डाक्टरों ने भी सांतवें दिन हड़ताल जारी रखी। नर्सों के साथ-साथ उन्होंने इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी है। इसकी वजह से अस्पताल प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -----------

एनआरडीडी लैब में नहीं आया आरटीपीसीआर का एक भी सैंपल

मंगलवार को दूसरे दिन एनआरडीडी लैब में कोविड टेस्टिंग का कामकाज ठप रहा। लैब में एक भी आरटीपीसीआर सैंपल नहीं आया। लैब में तैनात ठेके पर रखे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और रोष रैली निकाली। धरने पर बैठी नेता मनिदर कौर और विजय कुमार ने बताया कि लैब में दो हजार के करीब सैंपल टेस्ट के लिए पड़ा है। ओमिक्रोन के बढ़ रहे खतरे से होने वाले नुकसान के लिए सरकार स्वयं जिम्मेवार होगी। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने उन्हें सहयोग करने का समर्थन दिया है। नशा छुड़ाओ केंद्र, ओट्स सेंटर व एआरटी सेंटरों से मरीज निराश लौटे

नशा छुड़ाओं केंद्रों, ओट्स सेंटरों व एआरटी सेंटर में ठेके पर तैनात स्टाफ भी हड़ताल पर रहा। कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया है। नशा छुड़ाओ केंद्र में पर्ची बनाने से लेकर दवा देने तक सभी हड़ताल पर होने की वजह से ज्यादातर मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। ओट्स सेंटरों में विभाग की ओर से अस्थायी प्रबंध किए गए है इसके बावजूद मरीज असंतुष्ट है। स्टाफ के नेता विल्सन ने बताया कि सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज कर दिया है। पक्का होने की मांग पूरी होने पर ही हड़ताल वापस लेंगे।

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