नफरी की कमी व लापरवाही का फायदा उठा नो एंट्री में घुस रहे भारी वाहन

सुक्रांत जालंधर शहर में नो एंट्री जोन में आने वाले बड़े वाहनों की वजह से आए दिन हादसे हशहर में नो एंट्री जोन में आने वाले बड़े वाहनों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई जानें भी जा चुकीं। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस कोई कार्रवाई कर रही और न ही वाहन चालक रुक रहे।

JagranSat, 18 Sep 2021 06:14 AM (IST)
नफरी की कमी व लापरवाही का फायदा उठा नो एंट्री में घुस रहे भारी वाहन

सुक्रांत, जालंधर

शहर में नो एंट्री जोन में आने वाले बड़े वाहनों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कई जानें भी जा चुकीं। इसके बावजूद न तो ट्रैफिक पुलिस कोई कार्रवाई कर रही और न ही वाहन चालक रुक रहे। ट्रैफिक पुलिस एक तो नफरी से जूझ रही है और दूसरी तरफ जितने मुलाजिम हैं वो भी काम के बोझ के चलते लापरवाही बरत जाते हैं, जिसका फायदा नो एंट्री में आने वाले भारी वाहन चालक उठाते हैं। ट्रैफिक पुलिस के पास इस समय करीब 250 पुलिस मुलाजिम हैं जबकि जरूरत चार सौ से अधिक की है। इतने कम मुलाजिमों पर पूरे शहर का बोझ है जिसके चलते मुलाजिम भी ड्यूटी के दौरान भारी वाहनों को देखकर अनदेखा कर जाते हैं जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित तमाम तरह के नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े वाहनों को दिन में शहर की अंदरुनी सड़कों पर देखा जा सकता है। दुर्घटनाओं का सबब बन चुके ओवरलोड वाहनों को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।

---- चालान काटने तक सीमित

नो एंट्री में घुसने वाले ओवरलोड वाहनों के आने पर प्रतिबंध लगाने का दावा करने वाली ट्रैफिक पुलिस महज चालान काटने तक ही सीमित रहती है।

---- ट्रांसपोर्टरों से सांठगांठ भी बनती है कार्रवाई में रोड़ा

शहर में नो एंट्री में आने वाले बड़े वाहनों पर पिछले काफी समय से कार्रवाई न होने के पीछे ट्रांसपोर्टरों से सांठगांठ होना भी एक कारण है। ट्रांसपोर्टर नाकों पर मौजूद पुलिस मुलाजिमों से सेटिग कर लेते हैं जिससे पुलिस वाहनों पर हाथ डालने से कतराती है और ऐसे वाहन आसानी से निकल जाते हैं।

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कई बार हो चुकी हैं शिकायतें, कार्रवाई जीरो

मामले को लेकर कई बार गैर-सरकारी संस्थाओं ने शिकायतें दी। फ्लाई उड़ान संस्था के प्रधान पंकज मेहता ने बताया कि तीन साल पहले डीजीपी और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को मेल भेजी थी। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले साझ कमेटी जालंधर की एक बैठक पुलिस लाइन में हुई। वह भी कमेटी के मेंबर हैं तो वहां पर गए थे। वहां पर एडीसीपी ट्रैफिक गगनेश कुमार ने बैठक के दौरान नो एंट्री जोन में वाहनों को रोकने की बात की थी लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे जल्द ही डीजीपी और पुलिस कमिश्नर जालंधर को दोबारा शिकायत करेंगे।

---- चालान के नाम पर खानापूर्ति

एक साल में महज दो दर्जन वाहनों के ही चालान हुए हैं जो नो एंट्री में गए जबकि दो साल में नो एंट्री में आने वाले 12 के करीब वाहन ही जब्त किए गए।

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ट्रांसपोर्टर, साझ कमेटी के सदस्य सहित अन्य एनजीओ के सदस्यों को बुलाएंगे। सभी के साथ बैठक की जाएगी और नो एंट्री में आने वाले वाहनों की समस्या को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। तय समयसीमा के बाद आने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मकसूदां मंडी की तरफ से भी बड़े वाहनों के आने पर पाबंदी लगाई जाएगी, हालांकि छोटे टेंपों इत्यादि को दोपहर 11 बजे से लेकर 1 बजे तक आने की छूट है।

नरेश डोगरा, डीसीपी ट्रैफिक

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ड्राइवर बोला, भाजी साडे घर दे वी उडीकदे ने, पुलिस कर्मी बोला, जे हादसा हो गया तां मरन वाले दे घर दे की करणगे..

दैनिक जागरण की तरफ से नो एंट्री जोन में आने वाले बड़े वाहनों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शुरू की गई मुहिम के बाद ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाई। शुक्रवार को मकसूदां मंडी के बाहर के ट्रक चालक लंबी लाइनें लगाकर खड़े रहे लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनको अंदर नहीं आने दिया। कुछेक चालक नो एंट्री जोन में घुसे तो पुलिस ने चालाक काट दिए। एक ट्रक चालक जिसका चालान काटा गया, बोला भाजी क्यों रोकदे ओ, असीं कपूरथला चौक तो मुड़ जाना, साडे वी घर दे उडीकदे ने। इस पर पुलिसकर्मी ने जवाब दिया जे तुहाडे करके कोई हादसा हो गया तां मरन वाले दे घर दे की करणगे, ओ नई उडीकदे होंने अपने बंदे नूं।

एक ट्रक चालक, जिसका ट्रक वहीं पर सड़क किनारे खड़ा था, आकर बोला-जनाब, इस तरां ता ट्रक वालेयां दा बोत नुकसान होउ, तो पुलिस कर्मी ने कहा-पैसे द नुकसान तां पूरा हो सकदा, बंदे दा नुकसान किदां पूरा होऊ।

ट्रैफिक पुलिस ने नो एंट्री जोन में घुसे पांच बड़े वाहनों के चालान काटे। इस संबंध में एडीसीपी ट्रैफिक गगनेश कुमार ने बताया कि नो एंट्री जोन में सख्ती बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि मकसूदां मंडी की तरफ से दोपहर 11 से 1 बजे तक भी बड़े वाहनों के आने पर पाबंदी लगा दी गई है।

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