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आखिर मां को मिला अपनों का सहारा, बेटा-बेटियां लेने पहुंचे वृद्ध आश्रम

गोराया, जेएनएन। पांच बच्चों की मां होने के बावजूद बुढ़ापे में अपनों के ठुकराने से आहत दर-दर भटकती हुई बड़ा पिंड के वृद्ध आश्रम पहुंची पटियाला की रहने वाली हरमोहन कौर को आखिर अपने बच्चों का सहारा मिल ही गया। बुजुर्ग मां की दर्द भरी दास्तान को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका असर यह हुआ कि उनके बच्चों के मन में भी मां के प्रति प्रेम और सम्मान भी जाग उठा। इसके बाद शनिवार को उनका पुत्र परमिंदर सिंह मां को लेने अनाथ आश्रम पहुंचा। उसके साथ हरमोहन कौर की दोनों बेटियां तथा दामाद भी थे। 

इस दौरान परमिंदर सिंह व उसकी बहनों ने बताया कि उनका सबसे छोटा भाई नशे का आदी था और मां उसी के साथ रहती थी। कुछ समय पहले छोटे भाई को उसकी पत्नी सहित पुलिस ने नशे के केस में गिरफ्तार कर लिया जोकि अभी जेल में है। छोटे भाई का एक लड़का है जो दादी के साथ ही रहता था।

उसके पालन-पोषण को लेकर मतभेद था। अब छोटे भाई के लड़के को उसके नानके वालों ने रखने पर सहमती दे दी है और वे अपनी मां के प्रति किए व्यवहार से शर्मिंदा हैं। उन्होंने हरमोहन कौर से सबके सामने क्षमा भी मांगी तथा आश्वासन दिया कि उसे बुढ़ापे में किसी तरह की परेशानी नहीं होने देंगे और उसकी सेवा करेंगे।

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