मां-बेटा आत्महत्या मामला : अपनों ने नहीं ली सुध तो प्रशासन ने दिया आसरा, मां-भाई से मिलने के लिए बेचैन रही मन्नत

बीते शनिवार न्यू राज नगर इलाके में पति से हुए विवाद के बाद जहर खाकर जान देने वाली महिला और बेटे के मामले में पुलिस ने आरोपित पति को जेल भेज दिया है। जहर खाने के बाद 10 वर्षीय बेटी मन्नत को टैगोर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

Wed, 08 Dec 2021 08:21 PM (IST)
महिला और बेटे के मामले में पुलिस ने आरोपित पति को जेल भेज दिया है।

जागरण संवाददाता, जालंधर। बीते शनिवार न्यू राज नगर इलाके में पति से हुए विवाद के बाद जहर खाकर जान देने वाली महिला और बेटे के मामले में पुलिस ने आरोपित पति को जेल भेज दिया है। जहर खाने के बाद 10 वर्षीय बेटी मन्नत को टैगोर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बच्ची के स्वजन अस्पताल तो आते थे, लेकिन उसे लेकर जाने के लिए कोई तैयार नहीं था। बुधवार तक मन्नत के किसी स्वजन के सामने न आने के बाद जिला प्रशासन के आदेश पर उसे अस्पताल प्रशासन ने नारी निकेतन भेज दिया गया। मन्नत को नहीं पता कि उसकी मां रेखा और भाई गौरव की मौत हो चुकी है। वह उनसे मिलने के लिए बेचैन रही।

अस्पताल में उसकी देखभाल करने वाली कर्मचारी ने बताया कि मन्नत अपनी मां और भाई से मिलने की बात करती रहती थी। हालांकि मासूम को नारी निकेतन भेजने के कुछ घंटे बाद मौसी, नानी और चाचा उसे लेने के लिए अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अस्पताल पहुंचकर मासूम के बयान मजिस्ट्रेट ने दर्ज किए थे। अस्पताल प्रशासन ने इलाज का नहीं लिया पैसा टैगोर अस्पताल के एमडी डा. विजय महाजन का कहना था कि मन्नत चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। उसके इलाज का बिल तकरीबन 35 हजार रुपये बना था। अस्पताल प्रशासन ने इस बाबत मन्नत के स्वजनों से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई बिल भरने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मन्नत को बिना पैसे लिए नारी निकेतन के लिए रवाना कर दिया।

अस्पताल के कर्मचारियों ने मन्नत को दिलाई नई ड्रेस चार दिन तक अस्पताल में रहने वाली मन्नत ने अस्पताल के कर्मचारियों में ही अपनेपन का रिश्ता खोज लिया था। ड्यूटी पर आने वाले कर्मचारियों ने खिलौने से लेकर चाकलेट तक की मन्नत की हर ख्वाहिश पूरी की। बुधवार को जब मासूम को नारी निकेतन ले जाया गया तो टैगोर अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे एक टैडी बियर और नई ड्रेस भी लाकर दी। नहीं पता कहां जा रही, खुशी-खुशी निकली अस्पताल से मन्नत खुशी-खुशी अस्पताल के कर्मचारियों और नारी निकेतन ट्रस्ट की टीम के साथ नारी निकेतन जाने के लिए निकली। उसे इस बात का अहसास नहीं था कि वह अपने घर नहीं जा रही है। जाती हुई मन्नत ने अस्पताल के कर्मचारियों को टाटा करते हुए कहा कि मैं आप लोगों से आकर फिर मिलूंगी। अस्पताल से जाने से पहले मन्नत कर्मचारियों से अपने भाई और मां से मिलने की बात कहती रही।

इस दौरान मन्नत ने देखभाल कर रही नर्स से कहा कि आंटी मैं जा रही हूं, मेरे घर जरूर आना। बच्ची को मिलेगी हर सुविधा डीसीपीओ (डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर) अजय भारती बताते हैं कि डीसी ने निर्देशों से मन्नत को नकोदर रोड स्थित नारी निकेतन भेज दिया गया है। नारी निकेतन में बच्ची को तमाम तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। जब तक बच्ची के स्वजन उसे लेने नहीं आते, तब तक वह नारी निकेतन में ही रहेगी। अगर स्वजन लेने आते भी हैं तो नियमों के मुताबिक ही बच्ची उनके हवाले की जाएगी। क्या है मामला बीते शनिवार दोपहर को न्यू राजनगर में टेलर पति से हुए विवाद के बाद पत्नी रेखा ने अपने दोनों बच्चों के साथ मिलकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इसके बाद रेखा और उसके बेटे गौरव की मौत हो गई थी।

10 साल की मन्नत को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने रेखा के पति दलीप और सास कमला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रेखा की बहन ने बताया था कि पति से विवाद के बाद रेखा तीन साल तक अपने मायके अमृतसर में रही थी। तीन महीने पहले ही रेखा पंचायती समझौते के बाद अपने ससुराल में रहने आई थी।

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