Jalandhar Vaccination for 18+: जालंधर प्रशासन 18+ श्रमिकों को फोन किया तो जवाब मिला- हम तो बिहार पहुंच गए...

सिविल अस्पताल में 18 से अधिक उम्र के लिए शुरू की गई वैक्सीनेशन मुहिम की हवा निकल गई।

Jalandhar Vaccination for 18+ जालंधर में कोरोवा वैक्सीनेशन को लेकर जब सेहत विभाग ने वर्कर्स ने जवाब दिया अब तो हम बिहार अपने गांव आ गए। अब वापस आकर ही टीका लगवाएंगे। दूसरा फोन राज कुमार यादव को

Vikas_KumarTue, 11 May 2021 10:42 AM (IST)

जालंधर [जगदीश कुमार]। हेलो आप कौन बोल रहे है? मैं संजय कुमार बोल रहा हूूं..आप कौन? मैं लेबर विभाग से बोल रही हूं। आपको कोरोना का टीका लगना है, सिविल अस्पताल में पहुंच जाएं। जवाब आया- मैडम जी अब तो हम बिहार अपने गांव आ गए। अब वापस आकर ही टीका लगवाएंगे। दूसरा फोन राज कुमार यादव को। फोन सुनते ही मैडम ने सिविल अस्पताल में आकर कोरोना वैक्सीन लगाने की बात कहीं तो जवाब आया-हम टीका लगवा चुके हैं और फोन रख दिया। मैडम ने फिर एक नंबर लगाया और सुरेश कुमार ने फोन उठाया। कहा कि बाबू जी को पहले ही टीका लग चुका है। एक और नंबर लगाया तो जवाब आया कि काम पर हूं। छोड़कर आया तो दिहाड़ी मर जाएगी।

सिविल अस्पताल में 18 से अधिक उम्र के लिए शुरू की गई वैक्सीनेशन मुहिम की प्रशासन की लापरवाही के कारण पहले दिन ही हवा निकल गई। सिविल अस्पताल में तीन मुलाजिमों ने करीब 150 लोगों को फोन किए। सभी ने जवाब दिया। किसी ने बाहर होने की बात कहीं तो किसी ने दिहाड़ी पर। अधिकतर ने कहा-हमें बताया ही नहीं गया। कुछ बोले कि हम काम पर आ गए है, कल टीका लगवाने आएंगे। इनमें करीब 10 फीसदी लोगों को फोन के नंबर गलत थे और कुछ ने उठाए ही नहीं। नतीजा यह हुआ कि तीसरे चरण की शुरुआत पांचों सेंटरों पर श्रमिकों को टीके के लिए फोन किए जाते रहे लेकिन आया कोई नहीं। चार सेंटरों में दिनभर में कुल 34 लोग ही पहुंचे। फिल्लौर के सेंटर पर एक भी श्रमिक नहीं आया। कोरोना का टीका लगवाने के लिए पहला श्रमिक 2.30 की देरी से सिविल अस्पताल पहुंचा।

तैयारी पूरी कर ली लेकिन दो घंटे तक आया कोई नहीं

सोमवार को राज्य सरकार ने वैक्सीनेशन की शुरुआत श्रमिकों से की। सिविल अस्पताल में पंजाबी की कहावत वेहड़े आई जंज विन्नो कुड़ी के कन्न...वाली बात हुई। सेहत विभाग ने तैयारी तो पूरी की लेकिन लेबर विभाग टीका लगवाने वाले श्रमिकों को इक्टठा करने में पिछड़ा रहा। सुबह 10.10 बजे सिविल अस्पताल के जच्चा बच्चा सेंटर में डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ टीके लेकर पहुंच गए। कंप्यूटर ङ्क्षवग ने पूरी तैयारी कर ली थी। 10.32 मिनट पर सिविल सर्जन डा. बलंवत ङ्क्षसह तीसरे चरण का शुभारंभ करने पहुंचे। मौके पर कोई बैनर और डायरेक्शन सूचना न होने से उन्होंने मुलाजिमों को तुरंत लगाने की हिदायतें दी। खुद मौके पर खड़े होकर सारी तैयारी करवाई।  10.40 बजे लेबर विभाग के तीन मुलाजिम हरजीत सिंह, सोनिया व अमिता पहुंची। उन्हें टेबल और कुर्सियां मुहैया करवाई।

सिविल सर्जन ने लाभार्थियों के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि लोग रास्ते में है, दस मिनट में आ जाएंगे। एक घंटा बीत गया पर यह दस मिनट नहीं हुए। सिविल सर्जन डा. बलवंत सिंह और जिला टीकाकरण अधिकारी डा. राकेश चोपड़ा निराश होकर अपने दफ्तर में लौट गए। मौके पर लेबर विभाग के सहायक लेबर कमिश्नर जेपी ङ्क्षसह व लेबर डायरेक्टर सचिव गुरजंट ङ्क्षसह पहुंचे। उन्होंने भी स्टाफ के साथ तालमेल कर प्रयास किए लेकिन कोई नहीं आया। आखिर 12.18 बजे गांव शेखे से बिजा का काम करने वाला गगनदीप धीर आया। उसका नाम सूची में था परंतु लेबर विभाग का पहचान पत्र वह घर छोड़ आया था। 12.31 पर गगनदीप धीर को कोविशिल्ड की पहली डोज लगी।

इनको लगी तीसरे चरण की पहली डोज

श्रमिक गगनदीप धीर ने बताया कि वह नई बनी इमारतों में बिजली का काम करते है। सुबह काल गई थी कि टीका लगवाने के लिए आ जाएं। काम से थोड़ा समय निकालकर सिविल अस्पताल में टीका लगवाया। लेबर का काम करने वाले राकेश कुमार ने टीका लगा कर खुशी जाहिर की। उनको भी विभाग ने फोन किया था। उन्होंने कहा कि उनके दो छोटे बच्चे है। परिवार को कोरोना से बचाने के टीका लगवाया। काफी दिन से इंतजार कर रहा था।

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इन सेंटरों में इतने श्रमिकों को लगा टीका

जच्चा बच्चा सेंटर सिविल अस्पताल   09

सिविल अस्पताल नकोदर  06

कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर करतारपुर 09

कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर आदमपुर  10

सिविल अस्पताल फिल्लोर 00

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