VAT Assessment: सी फार्म न मिलने से जालंधर के व्यापारी परेशान, OTS को लेकर सरकार के विरुद्ध गुस्सा

पंजाब सरकार ने अभी तक वन टाइम सेटलमेंट पालिसी की अधिसूचना तक जारी नहीं की है। दूसरी ओर विभाग ने वर्ष 2014-15 से 2016-17 के वैट असेसमेंट करवाने के नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। इससे उद्यमी परेशान हैं।

Pankaj DwivediWed, 17 Nov 2021 03:27 PM (IST)
व्यापारियों के अनुसार विभाग ने 30 नवंबर तक केसों की असेसमेंट करवाने की बात कही है। सांकेतिक चित्र।

कमल किशोर, जालंधर। वन टाइम सेटलमेंट पालिसी (ओटीएस पालिसी) को लेकर पंजाब सरकार के दावों के बाद भी लाभ न मिलने से व्यापारियों और उद्योगपतियों में बेहत गुस्सा है। व्यापारी वर्ग का तर्क है कि सरकार दूसरे वर्गों को सहूलियतें देने में लगी हुई है और उन्हें नजरअंदाज कर रही है। पंजाब सरकार ने अभी तक वन टाइम सेटलमेंट पालिसी  की अधिसूचना तक जारी नहीं की है। दूसरी ओर, विभाग ने वर्ष 2014-15 से 2016-17 के वैट असेसमेंट करवाने के नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं। अन्य राज्यों से सी-फार्म न मिलने की वजह से व्यापारी वर्ग को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों के अनुसार विभाग ने 30 नवंबर तक केसों की असेसमेंट करवाने की बात कही है। अगर वे असेसमेंट नहीं करवाते हैं उक्त व्यापारी को एक्स पार्टी घोषित कर दिया जाएगा। 30 प्रतिशत का जुर्माने का भी प्रविधान है। वर्ष 2014-15 से 2016-17 के 48000 केस थे, जिसमें 40000 का निपटारा होे चुका है। 8000 मामलों की असेसमेंट लंबित है। व्यापारियों का कहना है कि सी-फार्म न मिलने के कारण असेसमेंट करवानी मुश्किल हो रही है।

सरकार ओटीएस लाने में देरी कर रहीः गुरशरण सिंह

ज्वाइंट एक्शन कमेटी के कन्वीनर गुरशरण सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से नोटिस भेजना सरासर गलत है। सरकार को ओटीएस जल्द लानी चाहिए। दूसरे वर्गों को सहूलतें दी जा रही हैं लेकिन व्यापारियों और उद्यमियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्हें दूसरे राज्य से सी-फार्म नहीं मिल रहे तो असेसमेंट कहां से होगी। सरकार ओटीएस लाने में भी देरी कर रही है।

अन्य राज्यों से सी फार्म नहीं मिल रहेः सूबा सिंह

इंडस्ट्रियल एस्टेट एक्सटेंशन वेल्फेयर सोसायटी के प्रधान सूबा सिंह ने कहा कि जब इंडस्ट्री सरकार दूसरे राज्य में भेजती है तो टैक्स का भुगतना कर दिया जाता है। बार-बार सी-फार्म मांगा जाता है। दूसरे राज्यों से सी-फार्म नहीं मिल रहे। विभाग व्यापारी वर्ग को नोटिस भेजकर परेशान करने में तुला है। सरकार ने अभी तक वर्ष 2013-14 का वैट रिफंड नहीं किया है।

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