Navratri 2021: पंजाब में मंदिरों में भजन संध्या पर रोक, घर बैठे करें मां की आराधना

मंदिर कमेटियों ने नवरात्र पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सीमित कर दिया है।

Jalandhar Navratri Celebration 2021 कोरोना के प्रकोप को देख मंदिर कमेटियों ने नवरात्र पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को सीमित कर दिया है। नाइट कर्फ्यू लागू होने पर इस बार मंदिरों में रात साढ़े आठ बजे तक कार्यक्रम होंगे।

Rohit KumarTue, 13 Apr 2021 11:05 AM (IST)

जालंधर, शाम सहगल। हर साल भक्तों में नवरात्रों को लेकर काफी उत्साह रहता है। पिछले साल कोरोना की दस्तक के कारण देशभर में लाकडाउन होने से लोग घरों में कैद हो गए थे। मंदिर परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और घंटियों की आवाज आनी बंद हो गई थी। उस स्थिति में लोगों ने धैर्य का परिचय देते हुए चैत्र नवरात्र पर घरों में ही पूजा-अर्चना की। हालांकि आज वैसी बंदिशें नहीं हैैं लेकिन कोरोना पहले से ज्यादा घातक है। कोरोना के प्रकोप को देख मंदिर कमेटियों ने कार्यक्रमों को सीमित कर दिया है।

नाइट कर्फ्यू लागू होने पर इस बार मंदिरों में रात साढ़े आठ बजे तक कार्यक्रम होंगे। आप सभी पहले की तरह कोरोना को रोकने में सहयोग कर सकते हैं। शहर की मंदिर कमेटियों के प्रबंधकों ने भी घरों में रहकर मां भगवती की उपासना करने का आह्वान किया है ताकि कोरोना संक्रमण को फैलने से बचा जा सके। इसके साथ ही मंदिरों में कोरोना से बचाव को लेकर व्यापक स्तर पर इंतजाम किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। मंदिरों में मास्क पहनकर आने पर ही एंट्री मिलेगी। दो गज की दूरी का पालन करवाया जाएगा।

'दैनिक जागरण' के साथ रोजाना करें सिद्ध शक्तिपीठ के दर्शन

कोरोना महामारी के चलते मां के भक्तों को घर बैठे ही श्री देवी तालाब मंदिर परिसर में स्थित पंजाब की एकमात्र सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी के दर्शन करने का प्रबंध किया गया है। नौ नवरात्र पर रोजाना पंजाब के एकमात्र सिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरमालिनी की प्रतिमा को प्रकाशित किया जाएगा। इसके दर्शन करके लोग नवरात्र की धार्मिक रस्में पूरी कर सकते हैं।

पंजाब के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में ये की गई तैयारियां

श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव राजेश विज ने कहा कि कोरोना को लेकर मंदिर में व्यापक प्रबंध किए गए है। प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अंदर सेवाएं दे रहे सिक्योरिटी गार्ड को कोरोना गाइडलाइंस की पालना को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। भजन संध्या पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है। रोजाना सुबह 5 से मंदिर खुलेगा। स्नान पर भी रोक लगा दी गई है।

बचाव के साधन अपना करें नवरात्र पूजन

मां त्रिपुरमालिनी धाम के पुजारी आदित्य शर्मा बताते है कि इस महामारी से बचाव के साधन अपनाते हुए नवरात्र पूजन करना चाहिए। मंदिर में आने से पहले चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं। इसके साथ ही मंदिर में आने से पहले व घर जाने के बाद हाथ धोकर ही पूजा अर्चना पूरी करें।

गुड़ मंडी में होगा दुर्गा स्तुति का पाठ

प्राचीन शिव मंदिर गुड़ मंडी में रोजाना मां दुर्गा स्तुति का पाठ किया जाएगा। तिलक राज नारंग बताते हैं कि मां दुर्गा स्तुति का पाठ करने के लिए मंदिर में विशेष तैयारी की गई है। शारीरिक दूरी का खास ध्यान रखा गया है। प्राचीन नौहरियां मंदिर गुड़ मंडी में भी चैत्र के नवरात्र पूजन को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। हेमंत शर्मा बताते हैं कि चैत्र के नवरात्र को लेकर मंदिर में दो पहर की पूजा की जाएगी। विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा।

शुभ मुहुर्त

- 4.46 घंटे रहेगा मुहुर्त

-समय : सुबह 5.28 बजे से लेकर 10.14 मिनट

इस तरह करें घट स्थापना

घर में ऐसे शांत व स्वच्छ स्थान का चयन करें जहां पर पूजा करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो। मिट्टी या किसी धातु के क्लश में गंगा जल, एक सिक्का, जौ, चावल, रोली व तिल डालें। कलश के मुंह पर आम के पांच या सात आम पत्ते रखें। क्लश पर रोली से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं और मौली बांध दें। एक पानी वाले नारियल पर लाल चुनरी या वस्त्र बांध कर लकड़ी की चौकी या मिट्टी की बेदी पर ईशान कोण में स्थापित कर दें। जौ या खेतरी बीजना। इसी समय मिट्टी के गमले या मिट्टी की बेदी पर भुरभुरी मिट्टी में, जौ बीज कर आम के पत्तों से ढक दें। तीसरे दिन अंकुर निकल आएंगे। हरे रंग के अंकुर सौभाग्य व सुख समृद्धि के सूचक हैं।

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