निजी अस्पतालों में हंगामा करने वालों के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन, काले बिल्ले लगाकर की मरीजों की जांच

निजी अस्पतालों में हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शुक्रवार को रोष व्यक्त किया। विभिन्न अस्पतालों के डाक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर मरीजों की जांच की। उन्होंने कहा कि लोगों को अस्पताल में अराजकता फैलाने के बजाय लोगों को उचित स्थान पर शिकायत करनी चाहिए।

Pankaj DwivediFri, 18 Jun 2021 05:41 PM (IST)
जालंधर में रोष जताते हुए आईएमए के सदस्य। जागरण

जालंधर, जेएनएन। निजी अस्पतालों में हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शुक्रवार को रोष व्यक्त किया। डाक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर अस्पतालों में मरीजों की जांच कर इलाज कर रोष व्यक्त किया। शुक्रवार को आईएमए हाउस में डाक्टरों ने सबसे पहले बैठक की और केंद्र सरकार की डाक्टर विरोधी नीतियों का विरोध किया।

आईएमए के नेशनल उपप्रधान डा. नवजोत सिंह दहिया ने बताया कि कोरोना काल में डाक्टरों व अस्पतालों पर को सुरक्षित करने करने के लिए केंद्र सरकार हेल्थ सर्विसिज पर्सनल एंड क्लीनिकल एस्टेबिलिशमेंट (प्रोहिबशन वायलेंस एंड डेमेज टू प्रापर्टी) बिल 2019 की नीतियों को लागू कर सकती है तो इस एक्ट को देश भर में हमेशा के लिए लागू कर डाक्टरों को शरारती तत्वों के हमलों से सुरक्षित कर सकती है। आईएमए स्थानीय इकाई के प्रधान डा. अमरजीत सिंह ने बताया कि कोरोना वारियर्स की मौत के बाद उन्हें मुआवजे के लिए प्रधानमंत्री की गरीब कल्याण योजना के तहत राहत दी जाए। कोरोना मरीजों का इलाज करते जान गंवाने वाले डाक्टरों को भी आर्थिक लाभ मुहैया करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में 754 डाक्टर कोरोना का इलाज करते हुए बीमारी की चपेट में आकर मारे गए हैं। इस दौरान केवल 168 डाक्टरों के परिवार ही आवेदन कर सके हैं। आईएमए फीमेल फोरम की चेयरपरसन डा. जैसमीन कौर दहिया ने कोरोना से बचाव को लेकर वैक्सीन को बेहतर बताया। उन्होंने हर व्यक्ति को कोरोना से बचाव को लेकर कोरोना वेक्सीन लगवाने की बात कही। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री से अपील है कि आईएमए को वाजिब दरों पर 50 फीसद वैक्सीन मुहैया करवाई जाए ताकि नीतियों की पालना करते हुए लोगों को इसका लाभ पहुंचा सकें। आईएमए जालंधर के मनोनीत प्रधान डॉ. अलोक ललवानी ने कहा कि लोगों को अस्पतालों में अराजकता फैलाने के बजाय आईएमए की शिकायत निवारण कमेटी या फिर पुलिस व जिला प्रशासन को शिकायत करनी चाहिए ताकि जांच के बाद सच्चाई सामने आ सके। अराजकता फैलाने से माहौल खराब होता है।

जालंधर के सेक्रेड हार्ट अस्पताल में रोष जताते हुए डॉक्टर व स्टाफ।

उधर, सेक्रेड हार्ट अस्पताल में भी सिस्टर ग्रेस की अगुआई में डाक्टरों व स्टाफ ने हाथ में तख्तियां पकड़ कर शांतमयी ढंग से लोगों को अराजकता के खिलाफ संदेश दिया। इसके अलावा, डॉक्टरों ने अपने-अपने अस्पतालों में काले बिल्ले लगाकर मरीजों की जांच की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के नाम जिला व पुलिस प्रशासन, विधायकों व सांसदों को मांग पत्र सौंपें। इस मौके पर डॉ. राकेश विग, डॉ. नरेश बाठला, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. एसपीएस ग्रोवर तथा डॉ. दीपक चावला डॉ. गगनदीप सिंह, डॉ. दीपाली लूथरा, डॉ. अनुरुद्ध कपूर, डॉ. गगनदीप सिंह, डॉ. रुपिंदर भार्गव आदि मौजूद थे।

 

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