जालंधर में कोवैक्सीन की फिर छाई मंदी, दूसरी डोज लगवाने वालों को नहीं आएगी कोई परेशानी

जालंधर में कोवैक्सीन स्टाक में 280 डोज बची, जबकि कोविशिल्ड की 14 हजार के करीब डोज स्टाक में है।

जालंधर में में कोरोना के मरीजों की संख्या बढऩे के साथ गंभीर मरीजों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ने लगा है। जिले में लेवल-3 के 428 बेडों में से 261 भरे हुए है। डाक्टरों के मुताबिक मरीज बीमारी के लक्षणों के शुरूआती दौर में ही जांच और इलाज करवाएं।

Vikas_KumarTue, 20 Apr 2021 10:15 AM (IST)

जालंधर, जेएनएन। पहले कोवैक्सीन की कमी खली और उसके बाद कोविशिल्ड की कमी आई। पिछले सप्ताह दोनों स्टाक आने के बाद थोड़ी राहत मिली लेकिन सोमवार को फिर से कोवैक्सीन की कमी खलने लगी।

सेहत विभाग के अनुसार सोमवार को स्टाक में कोवैक्सीन की 280 डोज बची, जबकि कोविशिल्ड की 14 हजार के करीब डोज स्टाक में है। अगले एक-दो दिन तक स्टाक नहीं आया तो सेहत विभाग कोवैक्सीन लगाने के लिए हाथ खींचना पड़ेगा। हालांकि कोवैक्सीन की दूसरी डोज के लिए कोई परेशानी नहीं आएगी। उनके लिए कोवैक्सीन को पहले ही रिजर्व कर लिया गया था। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. राकेश चोपड़ा का कहना है कि सोमवार को जिले के 290 सेंटरों में से 270 सेंटरों में 8632 लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई। इनमें 1607 दूसरी डोज लगवाने वाले शामिल है।

लेवल-3 के मरीजों कीबढ़ने लगी संख्या

जालंधर: जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ गंभीर मरीजों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ने लगा है। जिले में लेवल-3 के 428 बेडों में से 261 भरे हुए है। डाक्टरों के मुताबिक मरीज बीमारी के लक्षणों के शुरूआती दौर में ही जांच और इलाज करवाएं तो संकट को काफी तक टाला जा सकता है।

श्रेणी       कुल बेड   भरे हुए    खाली

लेवल-2     1150      416       734    

लेवल-3     428       261       167

वेंटीलेटर     165       27        138

 

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