IPS सिंगला ने फिर संभाली जालंधर की कमान, बोले- मुझे अपना दुश्मन समझें सारे अपराधी, छोड़ें अपराध का रास्ता; इसी में भलाई

जालंधर में बतौर डीसीपी अपराधियों के लिए दहशत बनकर रहे आईपीएस नवीन सिंगला बतौर एसएसपी जालंधर में फिर से आ गए हैं। 2009 बैच के आईपीएस सिंगला बिना किसी दबाव के अपराध से लड़ने वाली प्रवृत्ति के लिए जाने जाते हैं।

Vikas_KumarWed, 09 Jun 2021 09:52 AM (IST)
आईपीएस नवीन सिंगला ने दैनिक जागरण ने उनके साथ विशेष बातचीत की।

जालंधर, [सुक्रांत]। कुछ समय पहले जालंधर में बतौर डीसीपी अपराधियों के लिए दहशत बनकर रहे आईपीएस नवीन सिंगला बतौर एसएसपी जालंधर में फिर से आ गए हैं। 2009 बैच के आईपीएस सिंगला बिना किसी दबाव के अपराध से लड़ने वाली प्रवृत्ति के लिए जाने जाते हैं। वह जितनी देर जालंधर में डीसीपी रहे, उतनी देर शहर में न सिर्फ अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई बल्कि बिना वजह शहर में धरना प्रदर्शन कर माहौल खराब करने वाले लोगों पर भी सख्ती बरती गई। अब आईपीएस सिंगला एसएसपी बनकर जालंधर में काम संभाल चुके हैं। दैनिक जागरण ने उनके साथ विशेष बातचीत की।

प्रश्न : पहले भी जालंधर में रहे हैं, अब दोबारा आए हैं, क्या बदलाव नजर आया?

जवाब : पहले सिटी में काम देखा था, लेकिन अब देहात में आया हूं। शहर और देहात का काम पूरी तरह से अलग है, लेकिन एक आईपीएस अफसर के लिए हर जगह समान है। अपराध व अपराधियों को न सिटी में रहने दिया जा सकता है और न देहात में टिकने दिया जाएगा।

प्रश्न : लाकडाउन के बावजूद अपराध में कोई कमी नहीं आई, इसके लिए कोई विशेष योजना बनाई है?

जवाब : अपराध में कमी आती नहीं बल्कि लाई जाती है। पुलिस टीम अगर चाहे तो अपराध कभी भी कम कर सकती है। इसके लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। सारी टीम को अलर्ट किया गया है और कहा गया है कि अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त न करें।

प्रश्न : नशे का कारोबार काफी बढ़ चुका है, इसके लिए क्या तैयारी है?

जवाब : नशा तस्करी हर जगह की समस्या है, इसलिए इसे जड़ से खत्म करने का प्रयास करता हूं। नशा तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सख्ती बढ़ाई जाएगी और पकड़े गए लोगों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने के लिए प्रयास किया जाएगा ताकि दूसरे लोग सबक ले सकें।

प्रश्न : अपराध कोई भी हो, पकड़े जाने वालों को बचाने के लिए राजनीतिक दबाव काम करता है, उससे कैसे निपटेंगे?

जवाब : अपराध को रोकने के लिए एक जंग लडऩी पड़ती है और जंग बिना दबाव के ही जीती जा सकती है। पहले भी कभी दबाव में आकर काम नहीं किया और अब भी कभी किसी का दबाव नहीं सहन होगा। अपराध को रोकने के लिए जो भी कदम उठाने जरूरी होंगे, वह उठाए जाएंगे। इसमें किसी का भी दखल बर्दाश्त नहीं होगा।

प्रश्न : शहर की तरह देहात के लिए भी छिटपुट घटनाएं एक बड़ी चुनौती है, क्या तैयार है?

जवाब : चुनौतियों से निपटना ही सबसे बड़ी चुनौती होती है। एक पुलिस अफसर चुनौतियों से पार पाना जानते हैं। छिटपुट घटनाओं को काबू करने के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही है। जल्द ही उसको अमल में भी लाया जाएगा।

प्रश्न : देहात के कई बड़े पुराने आपराधिक मामले लंबित हैं?

जवाब : पुराने जितने भी आपराधिक मामले हैं, चाहे वह हत्या के हैं या कोई और हैं, उनको हल करने के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी। पुराने मामलों को जल्द से जल्द हल करवाने का प्रयास किया जाएगा।

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